बिहार के भोजपुर (आरा) में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी के मामले में नई जानकारी सामने आई है। भरत का इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया कि भरत को चार से पाँच गोलियाँ लगी थीं। उधर बिलौटी गाँव के लोगों का कहना है कि भरत को पुलिस ने उनके सामने तीन गोलियाँ मारी। गाँववालों ने कहा कि भरत तिवारी उनके लिए भगवान के समान थे।
वहीं इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका भी दायर की गई है लेकिन कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है।
इलाज करने वाले डॉक्टर ने बताया- भरत को लगी 5 गोलियाँ
पुलिस एनकाउंटर में घायल होने के बाद भरत तिवारी को सबसे पहले आरा सदर अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था। यहाँ अस्पताल के जिस डॉक्टर एचएम अंसारी ने भरत का इलाज किया था, उन्होंने बताया कि भरत तिवारी को चार से पाँच गोलियाँ लगी थीं और पेट के निचले हिस्से में भी गोली लगी थी।
डॉक्टर ने यह भी बताया कि भरत तिवारी का पूरा बॉडी चेकअप किया गया था, जिसमें उसका ब्लड प्रेशर और पल्स काफी कम थी और हालत गंभीर बनी हुई थी। डॉक्टर ने बताया कि भरत की नाजुक हालत को देखते हुए ही उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया था। डॉक्टर ने मौत का सही कारण अधिक खून बहना बताया।
भरत को भगवान मानते थे बिलौटा गाँववासी
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, भरत तिवारी को आरा के बिलौटा गाँव के रहने वाले लोग भगवान मानते थे। इस गाँव में बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित लोगों को बसाया है, जहाँ लोग साफ पानी औऱ बिजली जैसी आम समस्या से जूझ रहे थे। गाँववालों का कहना है कि भरत तिवारी उनकी जरूरतों का खयाल रखते थे और रोजना गाँव आकर उनकी समस्याओं का निवारण करते थे। एक गाँववाले ने कहा, “भरत तिवारी हमारे लिए देवता बनकर आए थे, हम लोग भी उन्हें भगवान का ही दर्जा देते थे।”
इन गाँववालों ने भरत तिवारी के एनकाउंटर को अपनी आँखों से देखा था। उन्होंने आँखोदेखी बताई। बताया कि 17 जून 2026 की सुबह अचानक गाँव में 7 से 8 पुलिस की गाड़ी आई। गाँववालों ने बताया कि पुलिस की ओर से 20 से अधिक गोलियाँ चलाई गईं थी, जबकि भरत तिवारी ने सिर्फ दो गोली जमीन और एक गोली हवा में फायर की थी।
गाँववालों ने बताया कि भरत तिवारी ने उनके सामने हथियार फेंक दिए थे, जिसके बाद पुलिस उन्हें पकड़कर अपने साथ ले गई। इसके बाद गाँववालों ने देखा कि भरत तिवारी को कुछ दूर ले जाकर तीन गोलियाँ मारी गईं। उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टर ने 5 गोली लगने की बात कही है तो शायद पुलिस ने दो गोली बाद में मारी होंगी।
सुप्रीम कोर्ट पहुँचा भरत एनकाउंटर केस
यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। वकील विशाल तिवारी ने भरत तिवारी एनकाउंटर के संबंध में सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में मामले की CBI से निष्पक्ष जाँच औऱ एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करने की माँग की गई है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में जल्द से जल्द सुनवाई करने की विशेष माँग भी की है।
हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की तुरंत सुनवाई की अपील को इनकार कर दिया है। अदालत ने वकील विशाल तिवारी को तय प्रक्रिया का पालन करने को कहा है और निर्देश दिया कि वह जल्द सुनवाई के अनुरोध के लिए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से संपर्क करें।

