पुलिस के अनुसार, आरोपित को घटना में प्रयोग हथियारों और अन्य सामग्री की बरामदगी के लिए साथ ले जाया जा रहा था, तभी उसने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। एक गोली सीधे जाकर रामधनी यादव के सीने में लगी। बाद में पुलिस उसे इलाज के लिए मायागंज अस्पताल लेकर गई, मगर तब तक वो दम तोड़ चुका था।
नगर परिषद कार्यालय में गोलीबारी और सरकारी अधिकारी की मौत
बता दें कि 28 अप्रैल को हुए हमले में कुछ नकाबपोश बदमाशों ने नगर परिषद कार्यालय में घुसकर सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू और कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में कृष्ण भूषण कुमार की पहले ही मौत हो गई, जबकि राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बाद में उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया।
पुलिस जाँच में सामने आया है कि इस वारदात में कुल 5 अपराधी शामिल थे। इनमें से तीन हमलावर कार्यालय के अंदर घुसे थे, जबकि दो बाहर खड़े रहकर पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावर खुलेआम हथियार लहरा रहे थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जाँच में जुटी है और फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

