बीजेपी नेता द्वारा जन सुराज पार्टी की फंडिंग पर सवाल उठाए जाने के बाद राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर ने अपनी विशाल कमाई की जानकारी दी है। खुद को आरोपों से बचाने में जुटे प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि उन्होंने पिछले तीन साल में सलाहकार चार्ज के रूप में ₹241 करोड़ कमाए है।
करोड़ों की फीस, खुद को ‘चोर नहीं’ बताया
प्रशांत किशोर ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने ईमानदारी से काम किया और पैसा कमाया है। जब प्रशांत किशोर पर आरोप लगे और सवाल उठे, तो उन्होंने कहा कि ‘हम चोर नहीं हैं।’ प्रशांत किशोर की कमाई पर सबसे बड़ा सवाल ₹11 करोड़ की उस फीस पर है, जो उन्होंने एक कंपनी को प्रोडक्ट लॉन्च की सलाह देने के लिए ली थी। इस फीस से साफ है कि प्रशांत किशोर सलाहकार के नाम पर कितनी बड़ी रकम वसूलते थे।
VIDEO | Jan Suraaj founder Prashant Kishor says, “Raised funds through professional fees, paid GST and income tax, and donated the amount to the party.”
— Press Trust of India (@PTI_News) September 29, 2025
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/dZtPOjN7CI
प्रशांत किशोर ने खुद का बचाव करते हुए यह भी कहा है कि उन्होंने इस ₹241 करोड़ की कमाई पर ₹31 करोड़ GST और ₹20 करोड़ इनकम टैक्स भरा है। और तो और प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज को भी ₹98.5 करोड़ का मोटा दान दिया है।
आरोपों से बचने के लिए ED को चुनौती
अपनी फंडिंग पर उठ रहे सवालों के बाद प्रशांत किशोर ने आत्मरक्षा के लिए उल्टा केंद्र सरकार पर ही हमला कर दिया। प्रशांत किशोर ने ED या कोई भी एजेंसी उनकी आय की जाँच कर सकती है। प्रशांत किशोर ने खुद पर लगे आरोपों को भटकाने के लिए आरजेडी-कॉन्ग्रेस और बीजेपी-जेडीयू के नेताओं पर पलटवार किया। प्रशांत किशोर ने जेडीयू नेता अशोक चौधरी पर ₹200 करोड़ की बेनामी संपत्ति रखने का आरोप लगाया। उन्होंने बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘न्यायाधीश अपराधी’ तक बता दिया।
प्रशांत किशोर की यह बड़ी कमाई अब बिहार की राजनीति में बड़ा बहस का मुद्दा बन गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी बड़ी रकम उनकी सिर्फ बौद्धिक मेहनत की कमाई है, या फंडिंग में कुछ छुपाया जा रहा है।

