2 अक्तूबर से पहले लंदन में गाँधी मूर्ति का अपमान, खालिस्तानियों ने प्रतिमा तोड़कर चबूतरे पर लिखा- आतंकी: भारतीय उच्चायोग भड़का, त्वरित एक्शन की उठाई माँग

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। टैविस्टॉक स्क्वायर पर लगी महात्मा गाँधी की प्रतिमा को खालिस्तानियों ने तोड़ा है। सोचने वाली बात यह है कि लंदन जैसे शहर के इतने मशहूर चौक पर यह घिनौना काम हुआ और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह सब तब हुआ जब 2 अक्तूबर 2025 को गाँधी जयंती और अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस बस दो दिन दूर हैं। खालिस्तानियों ने बापू की ध्यानमग्न मूर्ति को नुकसान पहुँचाया और उसके चबूतरे पर कुछ भड़काऊ बातें भी लिख डालीं। मैसेज में ‘गाँधी-मोदी हिंदुस्तानी टेररिस्ट’ लिखा गया है।

अहिंसा के प्रतीक पर हिंसक प्रहार

इस हरकत पर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय उच्चायोग ने इस तोड़फोड़ की सख्त निंदा की है। उच्चायोग ने साफ कहा है कि यह सिर्फ एक मूर्ति को तोड़ना नहीं है। यह तो अहिंसा के विचार और महात्मा गाँधी की विरासत पर किया गया एक हिंसक हमला है। अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस से ठीक पहले ऐसी वारदात होना बहुत ही दुखद है। उच्चायोग ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है।

मूर्ति का क्या है कनेक्शन?

टैविस्टॉक स्क्वायर वाली यह कांस्य प्रतिमा काफी खास है। इसे 1968 में लगाया गया था। यह उन दिनों को याद करती है जब महात्मा गाँधी पास के यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में कानून की पढ़ाई करते थे। हर साल 2 अक्टूबर 2025 को यहाँ बड़े कार्यक्रम होते हैं, जहाँ लोग बापू को श्रद्धांजलि देते हैं।

कूटनीतिक संबंधों पर दबाव

यह वारदात ऐसे वक्त हुई है जब भारत और यूनाइटेड किंगडम अपने रिश्ते मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस साल की शुरुआत में भी लंदन में खालिस्तानी समर्थकों ने हंगामा किया था। भारत ने तब भी ऐसे उकसावेपूर्ण कदमों की निंदा की थी। इस बार भी भारत ने साफ कर दिया है कि स्थानीय प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी होगी और ऐसी घटनाओं को रोकना होगा।