इंदौर के महू क्षेत्र में अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी और उसके भाई हमूद सिद्दीकी के इंदौर के महू स्थित चार मंजिला घर पर प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। उनके मुकेरी मोहल्ला स्थित मकान को अवैध निर्माण बताया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महू कैंटोनमेंट बोर्ड ने उनके घर को अवैध निर्माण घोषित करते हुए नोटिस चस्पा किया है। नोटिस में साफ लिखा गया है कि तीन दिन के भीतर अतिक्रमण हटाया जाए, अन्यथा प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और मकान को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
महू के मुकेरी मोहल्ला में सर्वे नंबर 245/1245 पर बना मकान नंबर 1371 जवाद सिद्दीकी के अब्बा दिवंगत मौलाना हम्माद के नाम पर दर्ज है। कैंटोनमेंट बोर्ड के इंजीनियर एच.एस. कालोया ने पुष्टि की है कि यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है और इसे हटाने का आदेश दिया गया है।
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए बम ब्लास्ट मामले की जाँच के बाद जवाद अहमद का नाम सुर्खियों में आया था। दिल्ली में हुए बम धमाके का मुख्य आरोपित डॉ. उमर नबी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में काम करता था। यूनिवर्सिटी के मालिक जवाद सिद्दीकी के विरुद्ध भी गंभीर मामले मिले हैं।
ED ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और इससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उसे मंगलवार (18 नवंबर 2025) को हिरासत में लिया गया है। अब इंदौर स्थित उसके घर पर प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
छावनी परिषद् महू की ओर से जारी की गई नोटिस में लिखा गया है, “यह सूचित किया जाता है कि मकान नम्बर 1371, सर्वे नम्बर 245/1245, मुकेरी मोहल्ला में अनाधिकृत निर्माण किया गया है जिसमें विभाग द्वारा समय-समय पर अनाधिकृत निर्माण को हटाने हेतु पत्र दिनांक 23.10.1996 और छावनी अधिनियम 1924 की धारा 185 का नोटिस दिनांक 02.11.1996 और छावनी अधिनियम 1924 की धारा 256 का नोटिस दिनांक 27.03.1997 विभाग द्वारा जारी किये गये थे। परंतु मकान के कब्जाधारी के द्वारा अनाधिकृत निर्माण को हटाकर उसका पालन आज दिनांक तक नही किया गया है।”
जवाद के भाई हमूद को 25 साल पुराने धोखाधड़ी और 36-37 साल पुराने दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया है। जवाद के पिता हम्माद अहमद सिद्दीकी महू के शहर काजी रह चुके हैं।

