छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में एक स्कूल के पेपर ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। चौथी क्लास की अंग्रेजी परीक्षा में एक सवाल पूछा गया कि ‘कुत्ते का नाम क्या है?’ और उसके विकल्पों में भगवान ‘राम’ का नाम लिख दिया गया। इस बात से गुस्साए हिंदू संगठनों ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पुतला फूँका और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।
क्या है पूरा मामला?
सरकारी स्कूलों में इन दिनों बच्चों की अर्द्धवार्षिक (हाफ इयरली) परीक्षाएँ चल रही हैं। बुधवार (7 जनवरी 2026) को जब कक्षा चौथी के बच्चे अंग्रेजी का पेपर देने पहुँचे, तो पहले ही सवाल को देखकर लोग हैरान रह गए। सवाल था, “What is the name of Mona’s dog?” (मोना के कुत्ते का क्या नाम है?)।
इसके जवाब के लिए चार विकल्प दिए गए थे- राम, बाला, शेरू और इनमें से कोई नहीं। कुत्ते के नाम के लिए ‘राम’ का विकल्प चुनना लोगों को नागवार गुजरा और देखते ही देखते यह पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सड़कों पर उतरा गुस्सा और पुतला दहन
जैसे ही यह खबर फैली, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इसे सीधे तौर पर करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था का अपमान बताया।
कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी विजय लहरे के दफ्तर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला जलाया। संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 7 दिनों के भीतर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर एक्शन नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
अफसरों के बीच ‘तू-तू मैं-मैं’
अब इस बड़ी चूक के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। पेपर सेट करने वाली टीम का कहना है कि उन्होंने जो फाइल भेजी थी, उसमें यह गलती नहीं थी। DEO साहब कह रहे हैं कि प्रिंटर (वेंडर) ने पेपर बदल दिया, जबकि प्रिंटर का दावा है कि उसे विभाग से जो कागज मिला, उसने वही छापा।
इस खींचतान के बीच पुलिस में भी FIR दर्ज कराने की माँग की गई है। फिलहाल, रायपुर मुख्यालय ने DEO से इस पूरी लापरवाही पर लिखित में जवाब माँगा है।

