छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मौदहापारा इलाके में सोमवार (16 मार्च) को दो पक्षों के बीच विवाद के बाद जमकर पथराव हुआ। देखते ही देखते मरही माता मंदिर के पास भीड़ जमा हो गई और ईंट-पत्थर चलने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
सोशल मीडिया पर मंदिर पर हमले का दावा
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर गंभीर दावे किए जा रहे हैं। वायरल दावों के मुताबिक, देर रात इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ ने मरही माता मंदिर पर पथराव किया है। इस घटना के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और मौदहापारा थाने का घेराव कर दिया। कार्यकर्ताओं ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि मंदिर पर पत्थर चलाने वाले आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका मुँहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
Stone pelting by Mu£lims at midnight at Raipur's Mata Temple
— Oxomiya Jiyori 🇮🇳 (@SouleFacts) March 17, 2026
Bajrang Dal activists surrounded the Maudahapara police station and said that if no action is taken against the accused, they will avenge the temple by raining stones on a mosque
Bajrang Dal of the country 🔥✊ pic.twitter.com/MeW43U4xWn
मीडिया रिपोर्ट्स में पुरानी रंजिश का जिक्र
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रायपुर में पिछले 24 घंटों के भीतर चाकूबाजी की चार अलग-अलग घटनाएँ हुई हैं। मौदहापारा में हुई हिंसा के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अल्ताफ और राशिद नामक युवकों ने रवि रक्सेल पर हमला किया था, जिसके बाद से दोनों गुटों में ठनी हुई थी। सोमवार (16 मार्च) को इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने इस मामले में अब तक रवि रक्सेल, हर्ष कोसले और लोकेश सहित अन्य को गिरफ्तार किया है।

