असम में चुनाव से पहले धड़ाम हुई विपक्षी एकता, कॉन्ग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की सूची: जोरहाट से लड़ेंगे सांसद गौरव गोगोई

कॉन्ग्रेस ने मंगलवार (3 मार्च 2026) को असम अपने पहले 42 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इस सूची में सबसे बड़ा नाम गौरव गोगोई का है, जो वर्तमान में लोकसभा में कॉन्ग्रेस के उपाध्यक्ष नेता और असम कॉन्ग्रेस इकाई के अध्यक्ष हैं। जोरहाट के सांसद गोगोई जोरहाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वरिष्ठ नेता रिपुन बोरा को बर्चल्ला से उम्मीदवार बनाया गया है।

यह पहली बार होगा जब गौरव गोगोई विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। घोषणा के बाद गोगोई ने एक्स (X) पर एक पोस्ट साझा कर अवसर के लिए आभार जताया। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गाँधी, विपक्ष के नेता राहुल गाँधी और प्रियंका गाँधी वाड्रा का धन्यवाद किया। साथ ही उन्होंने जोरहाट की जनता का भी आभार जताया और कहा कि उनके समर्थन के बिना वह इस मुकाम तक नहीं पहुँच पाते।

अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “मैं जोरहाट लोकसभा के जनता का धन्यवाद देता हूँ जिनके समर्थन के बिना मैं इस पद तक कभी नहीं पहुँच पाता।”

कौन है अन्य उम्मीदवार

कॉन्ग्रेस द्वारा घोषित अन्य उम्मीदवारों में अभिजीत पॉल सिलचर से, इंद्रनील पेगू माजुली से और मीरा बोरठाकुर गोस्वामी दिसपुर से चुनाव लड़ेंगे। दिलचस्प बात यह है कि सूची में कुछ राजनीतिक परिवार भी शामिल हैं।

कॉन्ग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे तंजील हुसैन को समागुरी से टिकट मिला है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे प्रतीक को मरघेरिटा से उम्मीदवार बनाया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पबन सिंह घटोवार के बेटे प्रांजल को चाबुआ-लाहोवाल से टिकट दिया गया है।

अन्य उम्मीदवारों में गिरीश बरुआ (बोंगाईगांव), महानंदा सरकार (बरपेटा – अनुसूचित जाति), रामेन सिंह राभा (बोको-चायगांव – अनुसूचित जनजाति), नंदिता दास (हाजो-सुआलकुची – अनुसूचित जाति) और सत्यब्रत कालिता (कमलपुर) शामिल हैं।

पार्टी ने अशोक कुमार शर्मा को नलबाड़ी से और रतुल पटुवारी को टिहू से उम्मीदवार बनाया है। मध्य और ऊपरी असम में उम्मीदवारों में बिनंदा कुमार सैकिया (सिपाझार), बुबुल दास (जगीरोड – अनुसूचित जाति), नुरुल हुडा (रुपाहीहाट) और उत्पल बनिया (राहा – अनुसूचित जाति) शामिल हैं।

विपक्षी गठबंधन से कॉन्ग्रेस का इनकार

उम्मीदवार सूची जारी कर कॉन्ग्रेस ने असम में चर्चित विपक्षी गठबंधन पर विराम लगा दिया। रायजोर दल और असम जातीय परिषद द्वारा माँगी गई सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर कॉन्ग्रेस ने साफ कर दिया कि वह उनके साथ गठबंधन नहीं करेगी।

गौरतलब है कि रायजोर दल प्रमुख अखिल गोगोई लगातार कॉन्ग्रेस पर सीट-बँटवारे का दबाव बना रहे थे और समय-सीमा तय कर रहे थे। लेकिन गौरव गोगोई और अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं ने संकेत दिया था कि पार्टी उनके साथ गठबंधन नहीं चाहती।

सूची जारी होने के बाद अखिल गोगोई ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कॉन्ग्रेस ने बातचीत के दौरान एकतरफा उम्मीदवार सूची जारी कर अलोकतांत्रिक रवैया दिखाया है। वर्तमान विधानसभा में रायजोर दल के पास केवल एक विधायक (अखिल गोगोई) हैं, जबकि लुरिनज्योति गोगोई की अगुवाई वाली असम जातीय परिषद के पास कोई विधायक नहीं है।

मार्च-अप्रैल में हो सकते हैं चुनाव

126 सदस्यीय असम विधानसभा के चुनाव मार्च या अप्रैल 2026 में होने की संभावना है। इसकी आधिकारिक घोषणा अभी चुनाव आयोग द्वारा की जानी बाकी है। वर्तमान में भाजपा की ओर से एनडीए के पास विधानसभा में बहुमत है। भाजपा के पास 64 विधायक हैं और उसे एजीपी, यूपीपीएल और बीपीएफ का समर्थन प्राप्त है।

इसके विपरीत विपक्षी दलों में कॉन्ग्रेस के पास 26 विधायक, एआईयूडीएफ के पास 15 विधायक, सीपीआई(एम) के पास 1 विधायक और निर्दलीय श्रेणी में 1 विधायक है। 2021 के पिछले चुनावों में भाजपा गठबंधन ने 75 सीटें जीती थीं, जबकि कॉन्ग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं।