श्रीलंका की नागरिक मैरी फ्रांसिस्का और उसके साथियों को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी का दावा है कि ये लोग प्रतिबंधित आतंकी संगठन LTTE को फिर से खड़ा करने की साजिश में जुटे थे।
दी प्रिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए मुंबई के एक बंद पड़े बैंक खाते से 42.28 करोड़ रुपए निकालने की तैयारी की जा रही थी। ED के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क को डेनमार्क में बैठे LTTE के पुराने सदस्य उमाकांतन से फंडिंग मिल रही थी।
ED की चार्जशीट के अनुसार, उमाकांतन ने सीड और सस्टेनेंस मनी के तौर पर करीब 1.66 करोड़ रुपए भारत भेजे थे। यह पैसा तमिलनाडु में मौजूद नेटवर्क के खर्च और ऑपरेशन चलाने के लिए इस्तेमाल होना था। जाँच एजेंसी का कहना है कि इसी पैसे के जरिए LTTE को दोबारा सक्रिय करने की योजना बनाई जा रही थी।
फर्जी दस्तावेज बनाकर 42 करोड़ निकालने की तैयारी
NIA और ED की जाँच में सामने आया कि मैरी फ्रांसिस्का को खास तौर पर भारत भेजा गया था। उसका काम मुंबई के इंडियन ओवरसीज बैंक में मौजूद दिवंगत हमीदा ए लालजी के निष्क्रिय खाते से पैसा निकालना था। इसके लिए उसने फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी, आधार कार्ड, PAN कार्ड और वोटर आईडी तक बनवा लिए थे।
जाँच एजेंसियों के मुताबिक, फ्रांसिस्का ने बैंक खाते तक पहुँच बनाने की कोशिश की, लेकिन बैंक अधिकारियों को शक हो गया। इसके बाद साजिशकर्ताओं ने हमीदा लालजी के बेटे इस्कंदर लालजी की नकली पहचान तैयार करने की योजना बनाई।
इसके लिए एक आरोपित ई मोहन को हिंदी बोलने और ‘मेरा नाम इस्कंदर ए लालजी’ बोलने की ट्रेनिंग तक दी गई थी ताकि वह मुंबई जाकर असली वारिस बनकर बैंक से पैसा निकाल सके।
हालाँकि 2 अक्टूबर 2021 को चेन्नई एयरपोर्ट पर तमिलनाडु CID की ब्रांच ने मैरी फ्रांसिस्का को गिरफ्तार कर लिया और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया। बाद में इस मामले में कई और लोगों को गिरफ्तार किया गया।
रिटायर्ड जज और करोड़ों की फंडिंग का कनेक्शन
ED ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि फ्रांसिस्का ने मद्रास हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस एन कन्नदासन को दो पोस्ट डेटेड चेक दिए थे। हालाँकि एजेंसी को उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले, इसलिए उन पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया।
जाँच में चेन्नई के कारोबारी के बास्करन की भूमिका भी सामने आई है। ED का कहना है कि उसकी कंपनी के खातों में विदेश से करोड़ों रुपए आए, जिनका इस्तेमाल साजिश में शामिल लोगों तक पैसा पहुँचाने के लिए किया गया। एजेंसी के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क LTTE के लिए फंड जुटाने और उसे दोबारा खड़ा करने की बड़ी साजिश का हिस्सा था।

