डिजिटल अरेस्ट स्कैम में रिटायर्ड NRI दंपति से ₹14+ करोड़ की ठगी, बैंक कर्मचारियों से बात करने की भी देते थे ट्रेनिंग: दिल्ली के ग्रेटर कैलाश की घटना

साउथ दिल्ली के ग्रेटर कैलाश में रहने वाले एक बुजुर्ग डॉक्टर दंपती से साइबर ठगों ने करीब 14.85 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। पुलिस के मुताबिक उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर पैसे ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित दंपती डॉ ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ इंदिरा तनेजा अमेरिका में लगभग 48 साल बिताने के बाद 2015-16 में भारत लौटे थे।

ठगी की शुरुआत 24 दिसंबर 2025 को हुई, जब 77 वर्षीय डॉ इंदिरा तनेजा को खुद को ट्राई अधिकारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। कॉलर ने उनके नंबर के गलत इस्तेमाल, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए।

बाद में कॉल करने वालों ने खुद को कानून प्रवर्तन एजेंसियों से जुड़ा बताया और PMLA जैसे कानूनों का हवाला देकर डराया। 24 दिसंबर 2025 से 10 जनवरी 2026 तक दंपती को लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा गया।

डॉ इंदिरा को बार-बार बैंक जाकर अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर करने को मजबूर किया गया। हर बार उन्हें बैंक कर्मचारियों से क्या कहना है, इसकी पहले से ट्रेनिंग दी जाती थी। कुल आठ खातों में कई किश्तों में पैसे भेजे गए।

मामला तब खुला जब ठगों ने कहा कि केस बंद हो गया है और RBI पैसे लौटाएगा। कॉल पर रहते हुए जब वो पुलिस स्टेशन पहुँची तो सच्चाई सामने आई। मामले की शिकायत 1930 पर दर्ज की गई है और जाँच दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की साइबर यूनिट IFSO कर रही है।