‘बड़े हमलों’ की बातें करता था उमर नबी, गिरफ्तारी के डर से भागा तो कार में हो गया धमाका: उमर-गनाई महीनों से प्लान कर रहे थे अटैक, जानिए जाँच में क्या-क्या आया सामने

दिल्ली और NCR में बुधवार (12 नवंबर 2025) को एक अलर्ट जारी किया गया, क्योंकि जाँच एजेंसियों ने रेड फोर्ट ब्लास्ट से जुड़े जिस आतंकी मॉड्यूल के बारे में सुराग जुटाए, उसमें एक लाल रंग की Ford EcoSport कार की तलाश की जा रही थी। यह कार आतंकी उमर नबी की मानी जा रही थी। सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम जिस i20 कार में धमाका हुआ, उसमें भी वही मौजूद था। एक अधिकारी ने बताया, “उमर बड़े हमलों की बातें करता था।”

सभी पुलिस थानों, चौकियों और बॉर्डर चेकपोस्ट्स को तुरंत इस कार की तलाश के निर्देश दिए गए। बाद में यह कार हरियाणा के खान्डावली गाँव में एक फॉर्महाउस से बरामद हुई। यह फॉर्महाउस उमर के एक दोस्त का है जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। फॉरेंसिक और बैलेस्टिक टीम कार की जाँच कर रही है।

यह कार ज्यादातर डॉ मुजामिल शकील गनाई इस्तेमाल करता था। गनाई उसी संदिग्ध मॉड्यूल का सदस्य है और रेड फोर्ट धमाके से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। जाँचकर्ताओं का मानना है कि गनाई की गिरफ्तारी के बाद उमर घबरा गया और भागते-भागते ‘पैनिक’ में आकर धमाका कर बैठा।

जाँच में अब तक क्या आया सामने

पुलिस ने गनाई के फरीदाबाद के धौज गाँव में किराए के घर से 358 किलो विस्फोटक (संभावित अमोनियम नाइट्रेट) बरामद किया था। अब जाँच इस बात पर भी केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री उन्होंने कहाँ से और कैसे इकट्ठा की।

इस मॉड्यूल की जड़ें कश्मीर के पुलवामा जिले के कोइल गाँव तक जाती हैं। उमर और गनाई दोनों वहीं के रहने वाले हैं और दोनों फरीदाबाद के अल-फलाह मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर में काम करते थे। माना जा रहा है कि दोनों 2018 से एक-दूसरे के संपर्क में थे, जबकि परिवार वाले इस बात से इनकार करते हैं।

इस मामले में दो और डॉक्टरों को भी गिरफ्तार किया गया है। काजीगुंड से डॉ अदील मजीद सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में काम कर रहा था और डॉ शाही़न शाहिद अंसारी, जो फरीदाबाद के उसी अस्पताल में काम करता था और गनाई को जानता था।

पुलिस के मुताबिक, उमर और गनाई इस मॉड्यूल के मुख्य सदस्य थे और महीनों से धीरे-धीरे विस्फोटक और सामग्री इकट्ठा कर रहे थे। एक अधिकारी ने बताया, “उमर बड़े हमलों की बातें करता था।” उसके ठिकानों से बरामद 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट सूटकेसों में भरा मिला। इसके अलावा फरीदाबाद के एक इमाम, इमाम इश्तियाक के घर से भी विस्फोटक मिला है।

यह इमाम मेवात का रहने वाला है और अल-फलाह कैंपस में भाषण देता था। उसे पुलिस श्रीनगर ले गई है। जाँच में यह भी पता चला है कि दोनों डॉक्टर करीब 10 महीने पहले लाल किले के आसपास देखे गए थे, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे वहाँ किसी तरह की रेकी के लिए गए थे या नहीं।