‘ये घर बिकाऊ है’: दिल्ली में तरुण हत्याकांड के बाद दहशत का माहौल, रिपोर्ट में दावा- पुश्तैनी आवास बेचने को मजबूर हुए हिन्दू

दिल्ली के उत्तम नगर की जेजे कॉलोनी में होली के दिन हुई तरुण की हत्या के बाद से इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि लोग अपने ही घर में डर के साए में जी रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें धमकाया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ‘एक को मार दिया, अब दूसरे की बारी है।’

लोग अब अपना घर-बार बेच कर कहीं और चले जाना चाहते हैं। हालात ये है कि घरों के आगे ‘मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए गए हैं। लोगों का कहना है कि पीड़ितों को देखने वाला कोई नहीं है। स्थानीय निगम पार्षद साहिब ऐशवाल कहते हैं कि पुलिस आरोपितों के परिजनों को ‘एस्कॉर्ट’ करके घर तक पहुँचाती है।

आरोपितों के घर वालों को सुरक्षा दी जा रही है, लेकिन धमकी के बावजूद पीड़ित परिवार को सुरक्षा नहीं दी गई है। 13 अप्रैल को बाबू खान के साथ कई महिलाओं को पुलिस सुरक्षा में लाया गया था। आते ही इनलोगों ने पीड़ित परिवार को धमकियाँ देना शुरू कर दिया। पीड़ितों के वकील सुमित चौहान के मुताबिक, पुलिस धमकियों के सबूत होने के बावजूद एफआईआर करने से बच रही है।

होली के दिन तरुण की इस्लामी भीड़ ने हत्या कर दी थी

उत्तम नगर में 4 मार्च 2026 को होली के दौरान 26 वर्षीय तरुण कुमार की हत्या कर दी गई थी। मामूली विवाद में उसे इस्लामी भीड़ ने पीट -पीटकर मार डाला था।

पुलिस और परिवार के मुताबिक, तरुण के परिवार की 11 वर्षीय लड़की अपनी छत पर होली खेल रही थी और उसने नीचे खड़े अपने पिता पर पानी का गुब्बारा फेंका। गुब्बारा सड़क पर गिरा और पास के एक मुस्लिम परिवार की महिला पर पानी के छींटे पड़े, जिससे दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

हिंदू परिवार के माफी माँगने के बाद मामला पहले तो सुलझ गया, लेकिन उसी शाम तनाव बढ़ गया। तरुण जब अपने एक दोस्त के साथ होली मनाकर साइकिल से घर लौट रहा था, तो रास्ते में उसे 40-50 इस्लामी कट्टरपंथियों ने घेर लिया और उस पर लोहे की छड़ों, ईंटों, पत्थरों से उस पर बेरहमी से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद से कॉलोनी की गलियाँ सुनसान पड़ी हैं और लोगों ने जरूरी कामों के अलावा घर से निकलना कम कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस वारदात ने उनके मन में गहरा डर कर दिया है, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

डर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर ‘यह मकान बिकाऊ है’ के पोस्टर लगा दिए हैं। कुछ लोग तो अपनी पुश्तैनी जमीन तक छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। किरायेदार भी अब दूसरे इलाकों में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं।