चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के खंडाघोष विकासखंड में तैनात संयुक्त प्रखंड विकास अधिकारी (Jt BDO) और सहायक निर्वाची पदाधिकारी (ARO) ज्योत्स्ना खातून को पद से सस्पेंड कर दिया है। आयोग ने यह कार्रवाई आचार संहिता के उल्लंघन और अधिकारियों के निष्पक्षता के सिद्धांतों के आधार पर की है।
The Election Comission of India suspends and initiates disciplinary action against Jyotana Khatun, Jt BDO, Khandaghosh Development Block. pic.twitter.com/bqBgYbRKIQ
— ANI (@ANI) April 3, 2026
यह कार्रवाई BJP सांसद सोमित्र खान के ज्यत्सना खातून पर आरोपों के कुछ दिनों बाद हुई। दरअसल, 29 मार्च 2026 को सोमित्र खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ज्योत्स्ना खातून पर आरोप लगाए थे कि वे खुले तौर पर TMC के पक्ष में प्रचार कर रही हैं और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्योत्सना खान अपने संवैधानिक पद की निष्पक्षता को पूरी तरह छोड़ चुकी हैं।
🚨 BREAKING NEWS: ELECTION INTEGRITY AT RISK 🚨
— Saumitra khan (@KhanSaumitra) March 29, 2026
Jyotsna Khatun, the ARO for Khandaghosh Assembly. It is reported that she is openly campaigning & posting in favor of the TMC,completely abandoning the neutrality required of her constitutional office.@ECISVEEP @CEOWestBengal pic.twitter.com/kZczzN5gDt
सोमित्र खान ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को टैग करते हुए तुरंत हस्तक्षेप की माँग की, ताकि चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता को बनाए रखा जा सके।
BJP सांसद की पोस्ट में कुछ स्क्रीनशॉट भी शामिल थे, जिनमें खातून की सोशल मीडिया गतिविधियाँ दिखाई गई थीं। ज्योत्सना ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था, “चुनाव आयोग ने हमेशा की तरह इस पूरी प्रक्रिया का मजाक बना दिया है और लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है।” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि बंगाल का चुनाव ‘केंद्र और राज्य के बीच एक तरह की जंग’ है।
इन पोस्ट्स के आधार पर आरोप लगाया गया कि वह TMC के लिए प्रचार कर रही हैं और चुनाव आयोग की अहम प्रक्रिया SIR की खुलकर आलोचना कर रही हैं।

