RAB के अनुसार, फैक्ट्री के फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन ने पहले दीपु से नौकरी से इस्तीफा दिलवाया और फिर उसे भीड़ को सौंप दिया। बाद में भीड़ ने दीपु की बेरहमी से पिटाई की, उसका शव पेड़ की टहनी से लटकाया गया और फिर आग लगा दी गई।
RAB-14 के निदेशक नईमुल हसन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें फ्लोर मैनेजर आलमगीर हुसैन के अलावा फैक्ट्री का क्वालिटी मैनेजर मिराज हुसैन अकन भी शामिल है।
RAB ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार अन्य आरोपितों में तारेक हुसैन, लिमोन सरकार, मानिक मिया, इरशाद अली, निजहुम उद्दीन, आज़मल हसन सागीर, शाहिन मिया और मोहम्मद नाजमुल शामिल हैं।
RAB का कहना है कि जाँच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने पुलिस को बुलाने के बजाय दीपु को भीड़ के हवाले क्यों किया। अधिकारियों के मुताबिक, पुरानी दुश्मनी या भीड़ का दबाव इस जघन्य अपराध की वजह हो सकता है।

