पश्चिम बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के खिलाफ चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषणों को लेकर शनिवार (15 मई 2026) को FIR दर्ज की गई है। यह मामला कोलकाता के बिधाननगर उत्तर साइबर अपराध पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। शिकायत में उन पर भड़काऊ बयान देने, विरोधी दलों के खिलाफ आक्रामक भाषा इस्तेमाल करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर धमकी भरी टिप्पणियाँ करने का आरोप लगाया गया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह शिकायत सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार द्वारा दर्ज कराई गई है। शिकायत के अनुसार, 27 अप्रैल से 3 मई के बीच कई चुनावी सभाओं में ऐसे बयान दिए गए जिनसे सार्वजनिक शांति और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हो सकता था। शिकायत के साथ भाषणों के वीडियो और ऑनलाइन लिंक भी पुलिस को सौंपे गए हैं।
FIR में क्या लिखा है?
FIR के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया कि डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से सांसद अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान विभिन्न राजनीतिक रैलियों और चुनाव प्रचार सभाओं में भड़काऊ, धमकी भरे और उकसाने वाले भाषण दिए।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन भाषणों के जरिए हिंसा भड़काने, लोगों के बीच दुश्मनी फैलाने और सार्वजनिक शांति बिगाड़ने की कोशिश की गई। यह भी कहा गया कि इन बयानों को ‘Abhishek Banerjee Official’ नाम के फेसबुक पेज और अन्य सोशल मीडिया व न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया।
शिकायत में मार्च-अप्रैल 2026 के दौरान महेशतला, आरामबाग, हरिणघाटा और नंदीग्राम में हुई रैलियों का जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन सभाओं में अभिषेक बनर्जी ने विपक्षी कार्यकर्ताओं को धमकी दी और ऐसी आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया जिससे सार्वजनिक अव्यवस्था और राजनीतिक तनाव पैदा हो सकता था।
An FIR has been filed against TMC MP Abhishek Banerjee at the Bidhannagar North Cyber Crime Police Station over alleged provocative remarks made ahead of the elections and statements regarding the playing of DJs. The FIR also reportedly pertains to comments made against Union… pic.twitter.com/taXNBRapcE
— IANS (@ians_india) May 15, 2026
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें दंगा भड़काने, विभिन्न समुदायों के बीच नफरत फैलाने, डर और धमकी का माहौल बनाने तथा भ्रामक जानकारी फैलाने से जुड़ी धाराएँ शामिल हैं। इसके अलावा लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराएँ भी FIR में जोड़ी गई हैं। इस मामले की जाँच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ रॉय को सौंपी गई है।

