हाई-टेक हथियारों से PAK फौज को घुटनों पर लाने वाली BLA की कहानी, जानें- कहाँ से आते हैं बलोच लड़ाकों के पास राइफल-मशीन गन-लॉन्चर जैसे वेपन

बलूचिस्तान लगातार पाकिस्तान पर कहर बनकर बरस रहा है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी फोर्स के खिलाफ ‘ऑपरेशन हेरोफ’ का फेज-2 शुरू किया। पिछले तीन दिनों से जारी इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के 200 जवान मारे जा चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर पाकिस्तान को घुटनों पर लाने वाले बलूचिस्तान के पास ये हथियार आते कहाँ से हैं? पर इससे पहले BLA के बारे में जानने की जरूरत है।

क्या है BLA?

भारत के कई हिस्सों को छीनकर बने पाकिस्तान में से एक हिस्सा बलूचिस्तान है। यह पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे पिछड़ा प्रांत है। यहाँ रहने वाले लोग भारत-पाकिस्तान के बँटवारे के समय से ही आजादी की लड़ाई लड़ रहे है, पाकिस्तान से आजादी। यहाँ रहने वाले लोगों अपना एक अलग देश चाहते हैं, जो 1947 में उन्हें लगभग 250 दिनों के लिए मिला भी था।

लेकिन उसके बाद पाकिस्तान ने बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया। इसके बाद से आजादी की लड़ाई के लिए विद्रोह शुरू हुआ। इसी लड़ाई को लड़ने के लिए बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) का जन्म हुआ। BLA को बलूचिस्तान की आर्मी के रूप में काम करता है। पाकिस्तान इसे अलगाववादी संगठन कहता है क्योंकि BLA लगातार पाकिस्तान के जवानों पर हमलावर रहती है।

BLA को हथियार कहाँ से मिल रहे हैं?

अब सवाल यह उठता है कि पाकिस्तान के सबसे पिछले प्रांत की फौज BLA को हथियार कहाँ से मिलते हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हथियारों की आपूर्ति के मुख्य स्रोत ईरान और अफगानिस्तान से जुड़े काले बाजार हो सकते हैं। इन सीमावर्ती इलाकों में अवैध हथियारों की तस्करी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है और खराब रास्तों के कारण निगरानी भी मुश्किल होती है।

साल 2021 में अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से हटने के बाद वहाँ छोड़े गए हथियारों को भी संभावित स्रोत माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हथियारों का एक हिस्सा अवैध बाजारों के जरिए BLA तक पहुँचते हैं। हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियाँ इस पहलू की गंभीरता से जाँच कर रही हैं।

बताया जा रहा है कि BLA के पास अमेरिकी और रूसी मूल के हथियार मौजूद हैं, जिनमें M16A4 राइफल, M240B मशीन गन और RPG-7 लॉन्चर जैसे हथियार शामिल हैं। इन आधुनिक हथियारों की मौजूदगी से यह साफ होता है कि संगठन को बड़े स्तर पर संसाधन और सप्लाई चैन मिल रही है।