रमजान के दौरान गंगा नदी में नाव पर बैठकर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 मुस्लिम युवकों की बेल याचिका वाराणसी की एक सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया में सोशल मीडिया पर डाली गई वीडियो देखकर लगता है कि ये हरकत सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के लिहाज से किया गया है।
"Posting the video on social media prima facie proves that the incident was committed with the intention of disrupting social harmony. Inciting religious sentiments and disseminating them through social media further increases the gravity of the offence" : #Varanasi Court https://t.co/xqlGJmoNOP
— Live Law (@LiveLawIndia) April 1, 2026
वाराणसी कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली सामग्री का प्रसार अपराध की गंभीरता को और बढ़ाता है।
बता दें कि इससे पहले 17 मार्च को यूपी पुलिस ने इन 14 लड़कों को गिरफ्तार किया था। इनपर आरोप था कि ये लोग गंगा नदी के बीचोबीच नाव में बैठ चिकन पार्टी कर रहे थे और हड्डियाँ नदी में ही फेंक रहे थे।

