जनवरी 2026 में 6.2% बढ़कर ₹1.93 लाख करोड़ के पार पहुँचा जीएसटी कलेक्शन, इंपोर्ट पर GST में 10.1% का जोरदार उछाल: अर्थव्यवस्था को मिली मजबूती

जनवरी 2026 में भारत का कुल GST कलेक्शन 1.93 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 6.2% अधिक है। विदेशों से आयात पर ज्यादा टैक्स मिलने और देश के अंदर सामानों की अच्छी माँग के कारण सरकार की कमाई मजबूत बनी हुई है। यह देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।

बजट से पहले अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर

भारतीय अर्थव्यवस्था के सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में GST से सरकार को 1,93,384 करोड़ रुपए की कमाई हुई, जो जनवरी 2025 से करीब 6.2% ज्यादा है। इसका मतलब है कि लोग लगातार खर्च कर रहे हैं, टैक्स भरने की प्रक्रिया बेहतर हुई है और आयात से भी अच्छी कमाई हो रही है।

दिसंबर 2025 में GST कलेक्शन 1.75 लाख करोड़ रुपए था, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 6.1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से दिसंबर तक कुल GST कलेक्शन 16.5 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 8.6% ज्यादा है।

खास बात यह है कि सरकार ने सितंबर 2025 में करीब 375 चीजों पर GST घटाया था, ताकि महंगाई कम हो और लोगों को राहत मिले।

घरेलू और इंपोर्ट GST में सुधार, नेट कलेक्शन भी मजबूत

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में देश के अंदर हुए लेन-देन से GST कलेक्शन 1,41,132 करोड़ रहा, जो जनवरी 2025 के 1,34,641 करोड़ से करीब 4.8% ज्यादा है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से जनवरी के बीच घरेलू GST कलेक्शन बढ़कर 13,49,795 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि से 6.6% अधिक है।

इंपोर्ट यानी विदेशों से आने वाले सामानों पर मिलने वाला GST और भी तेजी से बढ़ा है। जनवरी 2026 में इंपोर्ट GST 52,253 करोड़ रहा, जबकि जनवरी 2025 में यह 47,453 करोड़ था। करीब 10.1% की बढ़ोतरी हुई है। अप्रैल से जनवरी FY26 के दौरान इंपोर्ट से GST कलेक्शन 4,93,628 करोड़ तक पहुँच गया, जो सालाना आधार पर 13.4% ज्यादा है।

रिफंड देने के बाद भी सरकार का नेट GST कलेक्शन मजबूत रहा। जनवरी 2026 में कुल GST रिफंड 22,665 करोड़ रहा, जो पिछले साल से 3.1% कम है। इसके बाद नेट GST कलेक्शन 1,70,719 करोड़ रहा, जो जनवरी 2025 के 1,58,701 करोड़ से 7.6% ज्यादा है।

जनवरी 2026 में GST के अलग-अलग हिस्सों से सरकार को अच्छी कमाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार को मिलने वाला CGST 38,792 करोड़ रहा, जबकि राज्य सरकारों का SGST 47,817 करोड़ दर्ज किया गया।

वहीं, राज्यों के बीच होने वाले लेन-देन पर लगने वाला IGST सबसे अधिक 1,06,775 करोड़ रहा। इसके अलावा, तंबाकू और कुछ अन्य सामानों पर लगने वाला कॉम्पन्सेशन सेस 5,768 करोड़ रहा, जो पिछले साल की तुलना में कम है।