‘इतने साल बाद भी बच्चा नहीं, पत्नी को मेरे पास भेजो’: नासिक TCS केस में आरोपित TL तौसीफ डालता पीड़ित हिंदू पर दबाव: कहता- ‘भगवान नहीं, सिर्फ अल्लाह ही सच’

नासिक के अशोका मार्ग पर स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ यूनिट से हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। हिंदू कर्मचारी को टीम लीडर तौसीफ अत्तारी ने इतना तक कहा था कि उसकी पत्नी को शादी के बाद भी अब तक बच्चा नहीं हुआ है तो वो उसे उसके पास भेजे।

FIR नंबर 166/2026 के अनुसार, पीड़ित ने बताया कि यह मानसिक उत्पीड़न साल 2022 में शुरू हुआ, जब उसने कंपनी में काम शुरू किया। ज्वाइनिंग के कुछ ही समय बाद उसके टीम लीडर तौसीफ अत्तारी और सहकर्मी दानिश शेख ने उसे निशाना बनाना शुरू कर दिया।

टीम लीडर होने का फायदा उठाकर वह तौसीफ अक्सर अपना और दानिश का काम भी पीड़ित पर डाल देता था, ताकि वह लगातार दबाव और थकान में रहे।

रुद्राक्ष की माला पहनना पड़ा भारी, तौसीफ ने कहा- भगवान जैसा कुछ नहीं होता

पीड़ित एक साधारण हिंदू परिवार से है और रामदास स्वामी का भक्त है। वह नियमित रूप से रुद्राक्ष की माला पहनता है, लेकिन यही उसकी धार्मिक पहचान उसके लिए परेशानी का कारण बन गई। ऑफिस के अंदर बार-बार धार्मिक बहस छेड़ी जाती, जिसमें उसे नीचा दिखाने की कोशिश होती।

ऑपइंडिया द्वारा प्राप्त FIR की कॉपी

तौसीफ और दानिश अक्सर उसके धर्म और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते और उसकी आस्था को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करते थे। वे पूछते, “क्या तुम्हारे हिंदू धर्म में वाकई भगवान हैं? क्या कभी देखा है? भगवान जैसा कुछ नहीं होता, सिर्फ अल्लाह ही सच है।”

उसे डराने-धमकाने की भी कोशिश की जाती थी। पीड़ित शाकाहारी है, लेकिन उसे जबरन होटल ले जाकर नॉन-वेज खाने के लिए दबाव बनाया जाता था। मना करने पर उसके संस्कारों का मजाक उड़ाया जाता था। पीड़ित पर दबाव बनाया जाता था कि वो रुद्राक्ष की माला ना पहना करे।

एक काम करो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो: तौसीफ ने हिंदू कर्मचारी के साथ सारी हदें की पार

पीड़ित का आरोप है कि साल 2023 में ईद के मौके पर उसे जबरदस्ती तौसीफ के घर ले जाया गया, जहाँ जबरन उसे मजहबी टोपी पहनाई गई, नमाज और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया गया। उसकी तस्वीर खींचकर कंपनी के ग्रुप में डाल दी गई, जिससे उसे मानसिक रूप से अपमानित किया जा सके और वह लाचार होकर धर्मांतरण के लिए तैयार हो जाए।

स्थिति और गंभीर हो गई जब आरोपितों ने उसकी निजी जिंदगी को निशाना बनाना शुरू किया। पीड़ित और उसकी पत्नी के घर शादी के कई साल बाद भी संतान नहीं हुई थी। इसका मजाक उड़ाते हुए तौसीफ और दानिश ने कहा, “इतना इलाज कराने के बाद भी तुम्हारी पत्नी माँ नहीं बन पाई, एक काम करो अपनी पत्नी को मेरे पास भेज दो।”

इतना सुनने के बाद पीड़ित से बर्दाश्त नहीं हुआ और ऑफिस में काफी हंगामा हुआ। इसी दौरान तौसीफ ने गुस्से में आकर उस पर टेबल फैन फेंक दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि तौसीफ, दानिश, शाहरुख और रजा मेमन और अन्य सिर्फ उसी को नहीं, बल्कि महिला कर्मचारियों के बारे में भद्दी टिप्पणियाँ करते थे।

यहाँ तक कि जब पीड़ित के पिता को पैरालिसिस हुआ, तब भी उसे यह कहकर दबाव में लेने की कोशिश की गई कि अगर वह धर्म बदल ले, तो उसके पिता ठीक हो सकते हैं। जब पीड़ित ने इन सबका विरोध करना शुरू किया, तो उसके खिलाफ कंपनी में झूठी शिकायतें भेजी जाने लगीं, ताकि उसकी नौकरी खतरे में पड़ जाए।

यह पूरा घटनाक्रम 2022 से लेकर 23 मार्च 2026 तक लगातार चलता रहा। आखिरकार लंबे समय तक यह सब सहने के बाद पीड़ित ने चुप्पी तोड़ी और संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।