एनडीटीवी के खास कार्यक्रम में आरएसएस को बैन करने के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा कि आरएसएस ने देश के करोड़ों नौजवानों को देशनिर्माण का रास्ता दिखाया। ऐसे संस्कार दिए जिससे राष्ट्रसमर्पण की भावना स्वयंसेवकों में आई।
राष्ट्रनिर्माण में एक शताब्दी से निःस्वार्थ योगदान दे रहे देशभक्त संगठन RSS पर बैन लगाने की बात करने वालों को जनता बिहार चुनाव में ही जवाब दे देगी। pic.twitter.com/LFt44T0l3b
— Amit Shah (@AmitShah) November 1, 2025
आरएसएस से निकले दो व्यक्ति प्रधानमंत्री बने-शाह
आरएसएस से निकले हुए दो लोग देश के प्रधानमंत्री बने और दोनों देश के सबसे अच्छे प्रधानमंत्रियों में गिने जाते हैं। आरएसएस का योगदान देश का विकास में, समाज को सही दिशा दिखाने में, नौजवानों को सिर्फ अपने लिए नहीं, देश के लिए भी जीने की सीख देने में अहम रही है।
अमित शाह न कहा, “खरगेजी की मंशा मुझे समझ में आ रही है। आरएसएस की स्थापना के 100 साल पूरे हो गए हैं। इसका देश के विकास में बहुत योगदान रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संस्था है। इसके स्वयंसेवक देश निर्माण में लगे हुए हैं, हजारों लोग ऐसे हैं जिनका न बैंक बैलेंस है न ही अपना परिवार है। ऐसे देशभक्त संगठन को देश की जनता सराह रही है। ऐसे संगठन पर बैन तो नहीं लग सकता। “
आरएसएस पर बैन की माँग का जवाब देगी जनता
उन्होंने कहा कि जो लोग इस पर बैन लगाने की बात कर रहे हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि अभी चुनाव चल रहा है। बिहार की जनता इसका जबरदस्त जवाब देगी। ऐसे देशभक्त संगठन को देश की जनता को ताकत देनी चाहिए और बैन लगाने की बात करनेवालों को सबक सिखाना चाहिए।
कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 31 अक्टूबर 2025 को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के मौके पर कहा था कि आरएसएस पर फिर से प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि देश में कानून व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के लिए यही संगठन जिम्मेदार है। हालाँकि उन्होंने इसे व्यक्तिगत विचार कहा। लेकिन खरगे के बयान के बाद सियासी पारा चढ़ गया।
दरअसल कॉन्ग्रेस अपनी बदतर हालत के लिए बीजेपी के साथ साथ आरएसएस को जिम्मेदार मानती है। पार्टी हर हाल में मुस्लिम तुष्टिकरण के दम पर सत्ता पर काबिज होना चाहती है। हिन्दुओं को एकजुट करने की भावना से ओतप्रोत आरएसएस हमेशा उनकी आँख की किरकिरी रही है।

