उत्तर प्रदेश के मेरठ में सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे अवैध टेलीकॉम नेटवर्क को ध्वस्त किया है, जिसके तार सीमा पार पाकिस्तान तक फैले हैं। शुक्रवार (27 मार्च 2026) को SSP अविनाश पांडेय ने खुलासा किया कि ATS और पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए फरदीन, नाजिम, फहीम, सुल्तान, शादाब और रईस को गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह अत्याधुनिक मशीनों के जरिए देश की सुरक्षा और राजस्व को भारी चूना लगा रहा था। पकड़े गए आरोपित VOIP तकनीक का गलत इस्तेमाल कर विदेशी कॉल्स को भारतीय ‘लोकल कॉल’ में बदल देते थे।
जालसाज़ों के विरुद्ध सख़्त एवं निर्णायक कार्रवाई—
— UP POLICE (@Uppolice) March 27, 2026
अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए VOIP के माध्यम से देश को आर्थिक क्षति पहुंचाने वाले 06 अभियुक्तों को @meerutpolice एवं #UPATS यूनिट मेरठ के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान गिरफ्तार किया गया है।
अभियुक्त भोले-भाले व्यक्तियों… pic.twitter.com/skMipyE0rW
इससे कॉल करने वाले की पहचान छिप जाती थी, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन्हें ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता था। लिसाड़ी गेट इलाके में हुई इस छापेमारी में बड़ी संख्या में सिम कार्ड, GSM गेटवे मशीनें और हाईटेक राउटर बरामद हुए हैं।
पूछताछ में पता चला कि ये लोग मासूम लोगों के नाम पर सिम कार्ड हासिल कर इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को अंदेशा है कि इस नेटवर्क का इस्तेमाल राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता था। फिलहाल, गिरोह का मुख्य सरगना फरार है जिसकी तलाश जारी है।

