खामेनेई की मौत पर भारत ने जताया शोक, ईरानी दूतावास के रजिस्टर में किया हस्ताक्षर: विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान के राजदूत से भी की मुलाकात

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने दुख जताया है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने 5 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थिति ईरानी दूतावास पहुँचे और शोक पुस्तिका पर साइन किए। खामेनेई की 28 फरवरी 2026 को इजरायल यूएस हमले में मौत हो गई थी। भारत ने ईरान के प्रति संवेदना और एकजुटता व्यक्त की है।

1989 से खामेनेई ईरान की सत्ता पर काबिज थे। खामेनेई की मौत को सबसे पहले अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर उजागर किया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक, खामेनेई, मर चुका है। यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि सभी महान अमेरिकियों और दुनियाभर के उन कई देशों के लोगों के लिए भी न्याय है, जिन्हें खामेनेई और उसके खूनी गुंडों के गिरोह ने मार डाला या क्षत-विक्षत कर दिया।”

इसके बाद ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार (1 मार्च 2026) को उनके मौत की पुष्टि की।

खामेनेई की मौत ऐसे समय पर हुई है जब ईरान पहले से ही आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और अंदरूनी विरोध प्रदर्शनों से जूझ रहा था। खामेनेई की मौत 50 साल के इतिहास का सबसे बड़ा सत्ता परिवर्तन माना जा रहा है।

हालाँकि यह साफ नहीं है कि इससे ईरान में सत्ता परिवर्तन होगा या नहीं। ईरान ने कहा है कि अगर उसके यहाँ सत्ता परिवर्तन की कोशिश की गई तो न्यूक्लियर पावर सेंटर पर वह हमला करेगा।