मालदीव के ‘India Out’ अभियान का जिक्र कर शशि थरूर ने सराहा PM मोदी का रुख, US में बोले- संकट में बिना शर्त मदद ही असली कूटनीति

कॉन्ग्रेस सांसद शशि थरूर ने अमेरिका के फ्लेचर स्कूल में दिए एक भाषण में मालदीव के साथ भारत के रिश्तों का उदाहरण देते हुए कहा कि असली कूटनीति मुश्किल समय में दिखाई गई मदद से बनती है। उन्होंने बताया कि मालदीव में एक समय ‘India Out’ अभियान चलाया गया था, लेकिन संकट आने पर भारत ने बिना किसी शर्त सहायता देकर भरोसा जीता।

थरूर ने कहा कि 2023 में राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के सत्ता में आने के बाद मालदीव में भारत विरोधी माहौल देखने को मिला। उनकी सरकार ने कुछ भारतीय कर्मियों की वापसी और कई समझौतों की समीक्षा की बात भी कही। इसी बीच राजधानी माले में पानी साफ करने वाला बड़ा डिसैलिनेशन प्लांट खराब हो गया, जिससे पीने के पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया।

थरूर के मुताबिक, भारत ने तत्काल लाखों लीटर पीने का पानी भेजकर मदद की और बदले में कुछ नहीं माँगा। उन्होंने कहा, “मालदीव के चुनाव में ‘इंडिया आउट’ कैंपेन चलाया गया। लेकिन जब मालदीव में पानी की समस्या हुई तो सबसे पहले भारत ने मदद की। इस तरह से भारत ने दुनिया में सबका भरोसा जीता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि देशों के रिश्ते केवल भाषणों से नहीं, बल्कि मुश्किल समय में साथ खड़े होने से मजबूत होते हैं, यही वजह है कि बाद के महीनों में भारत और मालदीव के रिश्तों में भी नरमी देखने को मिली। उनके इस बयान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  सरकार की विदेश नीति की अप्रत्यक्ष सराहना के तौर पर देख जा रहा है।