इंटरपोल ने एक घोषणा की है कि एक अंतरराष्ट्रीय अभियान में 6.5 अरब डॉलर (लगभग ₹5,395 करोड़ रुपए) मूल्य की 76 टन (7600 किलो) ड्रग्स जब्त की गई है। इनमें से एक ड्रग फेंटानिल की मात्रा इतनी है कि इससे 151 मिलियन (15 करोड़ 10 लाख) लोगों की जान ली जा सकती है।
30 जून से 13 जुलाई तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘ऑपरेशन लायनफिश मायाग III’ चला। इस दौरान 76 टन ड्रग्स पकड़ी गई। ये ऑपरेशन श्रीलंका के कोलंबो में किया गया था। इसमें एशिया और उत्तर अमेरिका के 18 देश शामिल थे। इस दौरान इन देशों से कुल 386 लोगों को पकड़ा गया।
इस ऑपरेशन के तहत भारत में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने जुलाई में केटामेलन उर्फ एडिसन बाबू नाम के आदमी को पकड़ा। NCB ने ‘ऑपरेशन मेलन’ के जरिए केटामेलन के पास से ड्रग्स के के साथ लगभग 87,000 अमेरिकी डॉलर की डिजिटल संपत्तियाँ भी जब्त की। केटामेलन ने पिछले 14 महीनों में लगभग 600 ड्रग शिपमेंट्स किए थे।
ऑपरेशन के तहत म्यांमार में एक गाड़ी में अनानासों के पीछे छिपाकर 22 किलोग्राम हेरोइन ले जाई जा रही थी, जबकि दूसरी गाड़ी में 5.25 मिलियन (52 लाख 50 हजार) याबा गोलियाँ थीं। यहाँ की जाँच में 4 मिलियन (40 लाख) गोलियाँ और बरामद की गईं।
मेक्सिको में 1.7 टन मेथामफेटामिन और 1,90,000 से अधिक फेंटानिल टैबलेट जब्त किए गए। अमेरिका की ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन ने फेंटानिल मिली एमडीएमए गोलियाँ जब्त कीं। इंडोनेशिया में अधिकारियों ने 116 किलोग्राम जायलाजीन पकड़ा।
इस ऑपरेशन के दौरान केटामाइन को सर्फबोर्ड्स, एस्प्रेसो मशीनों और बिल्ली के खाने के पैकेटों में छिपाकर ले जाया जा रहा था, जबकि हेरोइन को पाउडर चाय के पैकेटों में पैक किया गया था।

