इटारसी के त्रिशालानंद गार्डन में शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को अखिल भारतीय किन्नर सनातन सम्मेलन का बड़ा आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए सात किन्नरों ने इस्लाम छोड़कर वापस सनातन धर्म अपना लिया। जगतगुरु काजल ठाकुर की देखरेख में मंत्रों और अभिषेक के साथ उनका शुद्धिकरण किया गया।
देशभर से आए करीब 500 किन्नरों के सामने इन सभी को सनातन धर्म की दीक्षा दी गई। इस सम्मेलन में सात किन्नरों को ‘महामंडलेश्वर’ की बड़ी उपाधि दी गई। इटारसी की पाँचाली गुरु को नर्मदापुरम जिले का महामंडलेश्वर बनाया गया है।
7 Kinnars, who were forced into Islam under pressure, returned to Sanatan Dharma in a grand Ghar Wapsi event in Itarsi, MP.
— Angry Saffron (@AngrySaffron) April 25, 2026
In presence of 500 Kinnars, they were given Mahamandaleshwar title by Kajal Maa. pic.twitter.com/NfH2O40jaO
पाँचाली गुरु ने बताया कि वह एक ब्राह्मण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले डरा-धमकाकर जबरन धर्म बदलने पर मजबूर किया गया था। अब अपने मूल धर्म में लौटकर उन्हें बहुत गर्व और शांति महसूस हो रही है। उनके साथ शांति पिपरिया, डॉली नायक और अन्य किन्नरों को भी सम्मानित किया गया।
आयोजन का मुख्य लक्ष्य किन्नर समाज को उनकी पुरानी संस्कृति और गौरव से जोड़ना है। गुरु काजल ठाकुर ने कहा कि रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों में किन्नरों का सम्मानजनक स्थान है।
यह अभियान उन लोगों के लिए है जो अपनी जड़ों से भटक गए थे। इस पूरी प्रक्रिया को एक उत्सव की तरह मनाया गया। सम्मेलन के जरिए समाज को यह संदेश दिया गया कि किन्नर अपनी धार्मिक पहचान और संस्कारों के साथ गौरवपूर्ण जीवन जी सकते हैं।

