पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शन के 24वें दिन संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रमुख नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान फौज पर गंभीर आरोप लगाए।
रावलाकोट के ईदगाह मैदान में आयोजित एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि अतीत में पाकिस्तान फौज ने खुद कश्मीरियों के हाथों में हथियार दिए थे, लेकिन अब वही लोगों को आतंकवादी बता रही है।
उन्होंने कहा, “कश्मीरियों के पास बंदूकें इसलिए थीं क्योंकि पाकिस्तान फौज ने ही उन्हें हथियार दिए थे। आज वही हमें आतंकवादी कह रही है।” उनके इस बयान पर रैली में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियाँ बजाईं।
अमन खान ने यह भी आरोप लगाया कि रावलाकोट में प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की एक रैली को स्थानीय प्रशासन ने अनुमति दी थी और उसकी सुरक्षा की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने कहा कि उस रैली में हथियारबंद लोग खुलेआम AK-47 और तलवारों के साथ निकले थे।
JAAC ने पाकिस्तान सरकार से अपने 38 सूत्रीय माँग पत्र पर बातचीत कर उसे लागू करने की माँग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो मुजफ्फराबाद की ओर बड़ा मार्च निकाला जाएगा और आंदोलन का दायरा बढ़ाकर पाकिस्तान के PoK से पूरी तरह हटने की माँग भी उठाई जा सकती है।
यह आंदोलन महंगी बिजली, महंगाई, सब्सिडी वाले गेहूँ की कमी, प्रशासनिक सुधार और स्थानीय लोगों के अधिकारों जैसे मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था, जो अब पाकिस्तान की नीतियों के खिलाफ बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

