जम्मू-कश्मीर में जमात से जुड़े 58 मदरसों को स्कूल बनाकर चलाएगी सरकार, छात्रों की पढ़ाई रहेगी जारी

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने शिक्षा व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रतिबंधित संगठन जमात-ए-इस्लामी (JeI) और फलाह-ए-आम ट्रस्ट (FAT) से जुड़े 58 निजी स्कूलों का प्रबंधन पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने और स्कूलों को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से बचाने के लिए उठाया गया है।

क्यों लिया सरकार ने नियंत्रण?

खुफिया रिपोर्टों में सामने आया था कि इन स्कूलों का जुड़ाव प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंधित संगठनों से है। कई स्कूलों की प्रबंधन समितियों का समय भी खत्म हो चुका था। गृह मंत्रालय ने 2019 और 2024 में जमात-ए-इस्लामी को गैरकानूनी गतिविधियों के कारण बैन किया था, जिसे आधार बनाकर अब शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के प्रबंधन को भंग कर दिया है। सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे तुरंत इन स्कूलों की कमान संभालें।

सरकार ने साफ किया है कि स्कूल बंद नहीं होंगे। इस कार्रवाई का मकसद शिक्षा रोकना नहीं, बल्कि उसे बेहतर बनाना है। सभी कक्षाएँ और परीक्षाएँ पहले की तरह चलती रहेंगी। शिक्षा विभाग नई कमेटियाँ बनाएगा ताकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत बच्चों को सही माहौल मिल सके।

यह पहली बार नहीं है; इससे पहले अगस्त 2025 में भी प्रशासन ने ऐसे ही 215 स्कूलों को अपने नियंत्रण में लिया था। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—शिक्षा के नाम पर चल रहे किसी भी गलत एजेंडे को रोकना और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करना।