बुर्का विवाद के बाद झारखंड के मंत्री इरफान ने नुसरत को दिया ₹3 लाख/माह की नौकरी का ऑफर: JMM ने किया बयान से किनारा, कहा- यह निजी राय है

हिजाब विवाद के बाद चर्चा में आईं आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन को फिलहाल झारखंड में नौकरी मिलने की संभावना कम होती दिख रही है। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने सियासी माहौल के बीच नुसरत को तीन लाख रुपए मासिक वेतन और मनपसंद पोस्टिंग के साथ नौकरी देने का सार्वजनिक ऑफर दिया था। लेकिन जेएमएम ने इसे ‘निजी राय’ बताते हुए किनारा कर लिया है।

बिहार में भी उसके ज्वाइंन करने की मियाद पूरी हो गई थी, लेकिन राज्य स्वास्थ्य समिति ने ज्वाइनिंग की तिथि बढ़ा दी है। अब बिहार में ज्वाइनिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 हो गई है। 

झारखंड में स्वास्थ्य मंत्री के ‘ऑफर’ पर JMM के प्रवक्ता मनोज पांडे ने साफ किया है कि डॉ नुसरत को झारखंड स्वास्थ्य विभाग में नौकरी देने को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के बयान को व्यक्तिगत राय माना जाना चाहिए और इस पर उन्हें स्वयं स्पष्टिकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का ऐसा कोई आदेश उनकी जानकारी में नहीं है। उन्हें नहीं लगता है कि एक मंत्री के स्तर से 3 लाख की नौकरी दी जा सकती है। 

हालाँकि JMM ने इस पूरे मामले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आचरण की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का कहना है कि 15 दिसंबर 2025 को नियुक्ति पत्र वितरण के दौरान डॉ. नुसरत का हिजाब हटाना अमर्यादित था और सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है।