झारखंड शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपनी जाँच तेज कर दी है। इसी क्रम में कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखंड के पूर्व वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव सोमवार (6 जुलाई 2026) को राँची स्थित ईडी के क्षेत्रीय कार्यालय पहुँचे, जहाँ उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ED ने उन्हें दूसरा समन जारी किया था, क्योंकि पहले समन पर वे जाँच एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। पूछताछ के दौरान ED अधिकारियों ने रोहित उरांव से शराब कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और निवेश से संबंधित कई सवाल किए।
रोहित अपने साथ बैंक खातों का विवरण, आयकर रिटर्न और कुछ व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी लेकर पहुँचे, जिनकी जाँच एजेंसी ने विस्तार से पड़ताल की। यह मामला वर्ष 2023 में हुई ED की व्यापक छापेमारी से जुड़ा है। 23 अगस्त 2023 को एजेंसी ने राँची, दुमका, देवघर और गोड्डा समेत कई जिलों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया था।
उस दौरान डॉ रामेश्वर उरांव के आवास और रोहित उरांव से जुड़े ठिकानों की भी जाँच की गई थी। ED का आरोप है कि राज्य की नई उत्पाद नीति और शराब के थोक कारोबार के आवंटन में वित्तीय अनियमितताएँ हुईं, जिनके जरिए अवैध धन का लेन-देन किया गया। जाँच एजेंसी अब दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जाँच कर रही है।

