कर्नाटक ‘विधान सौधा’ के बाहर शनिवार (24 जनवरी 2026) को एक डॉक्टर ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। आरोप है कि सिद्दारमैया के पुलिस प्रशासन ने डॉक्टर नागेंद्रप्पा शिरूर को प्रताड़ित किया, जिसके बाद वह आत्महत्या को मजबूर हुआ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्टिविस्ट पुनीत करेहल्ली ने प्रदेश में घुसपैठियों के खिलाफ आवाज उठाई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन हुए, जिसमें डॉक्टर नागेंद्रप्पा शिरूर को अनेकल पुलिस ने हिरासत में लिया। डॉक्टर पर आरोप लगाया कि वे पुनीत के सहयोगी हैं। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिससे उनकी मानसिक रूप से पीड़ा हुई है।
इसी मामले में डॉक्टर ने विधान सौधा परिसर पहुँचकर जहर खाकर खुदकुशी करने की कोशिश की। लेकिन पास में खड़े पुलिसकर्मियों ने समय पर डॉक्टर के हाथ से जहर की बोतल छीन ली और उन्हें इलाज के लिए लेडी कर्जन अस्पताल ले गए। फिलहाल वह खतरे से बाहर हैं।

