धर्मस्थल मामले पर जिन्होंने की थी FIR करने की माँग, अब वही उसे रद्द कराने पहुँचे: कर्नाटक HC ने फटकारा, SIT से माँगा जवाब

कर्नाटक हाई कोर्ट ने धर्मस्थल के ‘सामूहिक कब्र’ मामले में दर्ज FIR पर फिलहाल रोक लगा दी है। यह रोक गुरुवार (30 अक्टूबर, 2025) को तब लगी, जब इस मामले में FIR दर्ज करवाने की माँग करने वाले चार सामाजिक कार्यकर्ता (गिरीश मट्टनावर, महेश शेट्टी थीमारोडी, आदि) खुद ही कोर्ट पहुँचे और FIR को रद्द करने की अर्जी दी।

जानकारी के अनुसार, जस्टिस मोहम्मद नवाज ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि जिस शिकायतकर्ता-गवाह ने कब्रों की बात कही थी, उसके खिलाफ अलग FIR क्यों नहीं हुई? कोर्ट ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट की अनुमति लेने का तरीका सही नहीं था।

दरअसल, पुलिस ने पहले यह FIR गवाह के दावे पर दर्ज की थी, लेकिन बाद में सबूत नहीं मिले। इसके बाद SIT ने झूठे दावे करने के आरोप में शिकायतकर्ता को ही गिरफ्तार कर लिया था।

अब हाई कोर्ट ने गृह विभाग और SIT को नोटिस भेजकर 12 नवंबर 2025 तक जवाब माँगा है। यह फैसला तब आया जब कुछ दिन पहले गृह मंत्री ने SIT को जल्द रिपोर्ट सौंपने को कहा था।