दिल्ली के करोल बाग स्थित झंडेवालान मंदिर के पास शुक्रवार (28 नवंबर 2025) की सुबह एक बार फिर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। हालाँकि इस बीच, मंदिर पर कार्रवाई की फेक न्यूज फैलाकर लोगों को इकट्ठा कर हंगामा करने की कोशिश की गई, वैसे-दिल्ली पुलिस ने मामले को संभाल लिया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की टीमें भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँची और कई पुराने बने घरों व दुकानों को हटाया गया। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई की सूचना दी गई थी और लोगों को जगह खाली करने के लिए कहा गया था।
क्या है पूरा मामला ?
कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। उनका आरोप है कि सालों से यहाँ रह रहे परिवारों को अचानक बेघर किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक उचित पुनर्वास नहीं किया जाता, किसी को न उजाड़ा जाए।
झंडेवालान देवी मंदिर और RSS दफ्तर के पीछे स्थित ‘मंदिर दरगाह बाबा श्री रतन नाथ जी पेशावर वाले’ के आसपास बने अतिक्रमण को हटाया गया। कुछ लोगों ने दावा किया कि मंदिर को नुकसान पहुँचा है, हालाँकि पुलिस और DDA अधिकारियों ने इसे खारिज कर दिया।
Delhi: Delhi Municipal Corporation conducts demolition drive targeting illegal constructions near Jhandewalan Temple and the RSS office in Karol Bagh; plots had been vacated in advance. pic.twitter.com/wsQtIM03qe
— IANS (@ians_india) November 29, 2025
मौके पर पहुँचे बीजेपी नेता करनैल सिंह ने बताया की मंदिर को नहीं तोड़ जा रहा है, मंदिर के आस पास के आवैध तरह से बसे हुए लोगों को हटाया जा रहा है।
रिपोर्टस के अनुसार, झंडेवालान सहित दिल्ली के कई इलाकों में अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी है। प्रशासन का कहना है कि ये अतिक्रमण लंबे समय से नोटिस के बावजूद खाली नहीं किए जा रहे थे, इसलिए कानूनी कार्रवाई की गई। कार्यवाही में दाखल देने के आरोप में करोल बाग के विधायक विशेष रवि सहित 10 लोगों को हिरासत में लिया गया।

