क्या कोलकाता की सरकारी इमारत में लगी आग संदिग्ध? TMC नेता जहाँगीर खान से जुड़ रहे तार: अधिकारियों ने दर्ज कराई FIR, जलकर खाक हो गई थी 4000 EVM मशीनें

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के अलीपुर इलाके में लगी आग से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आ रही हैं। यहाँ स्थित दक्षिण 24 परगना जिला परिषद की एक बहुमंजिला प्रशासनिक इमारत में 10 जून 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में हालिया विधानसभा चुनावों की 10 विधानसभा सीटों से जुड़ी 4,000 से अधिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर खाक हो गई। घटना के बाद प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने इसमें किसी बड़ी आंतरिक साजिश या तोड़फोड़ की आशंका जताई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, 9 से 10 मंजिला इस प्रशासनिक भवन की तीसरी मंजिल पर सुबह करीब 9:50 बजे सबसे पहले आग देखी गई। इस मंजिल पर एनआईसी (NIC) का कॉन्फ्रेंस रूम और गिरफ्तार टीएमसी नेता जहाँगीर खान और बहिरुल इस्लाम सहित कई टीएमसी नेताओं के कार्यालय स्थित हैं। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब 11:50 बजे तक इस प्राथमिक आग पर काबू पा लिया था और इमारत की बिजली भी पूरी तरह काट दी गई थी।

वहीं, TOI की रिपोर्ट में बताया गया कि आग बुझने के बाद दोबारा दोपहर करीब 12:30 बजे बेहद रहस्यमयी ढंग से इमारत की नौवीं और दसवीं मंजिल पर दोबारा लपटें उठने लगीं। चौंकाने वाली बात यह रही कि बीच की मंजिलों (छठी, सातवीं और आठवीं) को कोई नुकसान नहीं पहुँचा और आग सीधे टॉप फ्लोर्स पर पहुँच गई। नौवीं मंजिल पर मिड-डे मील सेक्शन था, जबकि दसवीं मंजिल पर अलीपुर सदर का स्ट्रॉन्ग रूम था, जहाँ कड़ी सुरक्षा के बीच कस्बा, जादवपुर, बेहाला पूर्व और पश्चिम सहित कई क्षेत्रों की ईवीएम रखी गई थीं।

इस अजीबोगरीब घटनाक्रम को देखते हुए दमकल और आपातकालीन सेवा राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मामले पर गंभीर रुख अपनाते हुए कहा, “उस मंजिल पर अचानक आग लगने का कारण संदिग्ध है। वहाँ ईवीएम रखी हुई थीं। सर्व शिक्षा मिशन, मिड-डे मील और बागवानी विभागों के कार्यालय वहाँ स्थित थे, जबकि चुनाव कार्यालय 8वीं और 9वीं मंजिल पर थे। लगभग 10 विधानसभा क्षेत्रों की 4,000 ईवीएम नष्ट हो गई हैं… यह एक सामान्य आग नहीं लगती। हम इसकी जाँच कर रहे हैं कि क्या इसमें कोई तोड़फोड़ या साजिश थी।”

दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। एक वरिष्ठ ईसीआई (ECI) अधिकारी ने अपने बयान में कहा, “इमारत में ईवीएम जमा करके रखी गई थीं। आग से कुछ नुकसान हुआ हो सकता है। प्रभाव का आकलन करने के लिए हमें प्रत्येक ईवीएम का निरीक्षण करना होगा। पुलिस घटना की जाँच कर रही है और जिला मजिस्ट्रेट हमें अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।”

इस मामले में अलीपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण (PDPP) अधिनियम के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। मामले की गहराई से जाँच के लिए सहायक पुलिस आयुक्त सुखेंदु मुखोपाध्याय की अगुवाई में एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। गौरतलब है कि यह आग टीएमसी नेता जहाँगीर खान की भारत-नेपाल सीमा पर गिरफ्तारी के ठीक दो दिन बाद लगी है, जिससे राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।