कोलकाता में ED की बड़ी कार्रवाई, बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी के घर छापा: ममता बनर्जी के खास रहे नेता पर शिक्षक भर्ती घोटाले में एक्शन

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार (11 अप्रैल 2026) को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए शिक्षक भर्ती घोटालों से जुड़े मनी लॉन्डरिंग के मामले में छापेमारी की। यह कार्रवाई दो अलग-अलग ठिकानों पर की गई जिनमें एक राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री और TMC से निलंबित नेता पार्थ चटर्जी का आवास शामिल है जबकि दूसरा स्थान इस मामले में कथित बिचौलिए प्रसन्ना कुमार रॉय का कार्यालय बताया जा रहा है। प्रसन्ना अभी जेल में बंद है।

अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी पश्चिम बंगाल केंद्रीय विद्यालय सेवा आयोग (SSC) द्वारा कक्षा 9 से 12 तक के सहायक शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में की जा रही है। ED की टीमें दोनों स्थानों पर दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और अन्य सबूतों की जाँच में जुटी हुई हैं। एजेंसी को उम्मीद है कि इस कार्रवाई से मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्थ चटर्जी को इस मामले में जाँच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए तीन बार समन जारी किए गए थे लेकिन उन्होंने एक भी बार हाजिरी नहीं दी। लगातार समन की अनदेखी के बाद ईडी ने सख्त रुख अपनाते हुए छापेमारी का फैसला लिया। गौरतलब है कि ईडी ने इससे पहले जुलाई 2022 में प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें फरवरी-मार्च 2025 के दौरान सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई थी जिसके बाद वे जेल से बाहर आ गए।

जांच एजेंसी के अनुसार, पार्थ चटर्जी कई भर्ती घोटालों में जाँच के दायरे में हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षक भर्ती, SSC सहायक शिक्षक भर्ती, तथा SSC ग्रुप ‘C’ और ‘D’ कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़े मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं और अवैध वित्तीय लेन-देन की जाँच की जा रही है। पार्थ चटर्जी 2011 में TMC के सत्ता में आने से पहले पार्टी के महासचिव और प्रमुख रणनीतिकार रह चुके हैं। उन्हें राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी भी बताया जाता है।