लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने जैसी माँगों के साथ केंद्र के साथ बातचीत कर रही ‘लेह एपेक्स बॉडी’ (LAB) ने गृह मंत्रालय की उच्चाधिकार प्राप्त समिति के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। LAB की आगामी 6 अक्टूबर को केंद्र की समीति के साथ बातचीत होनी थी।
LAB के अध्यक्ष थुपस्तान छेवांग ने सोमवार (29 सितंबर 2025) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है, “हम सर्वसम्मति से इस बात पर सहमत हुए हैं कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर जब तक लद्दाख में शांति बहाल नहीं हो जाती, हम किसी भी वार्ता में भाग नहीं लेंगे।” उन्होंने गृह मंत्रालय और प्रशासन से शांति बहाली के कदम उठाने की माँग की है।
गौरतलब है कि बीते 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। इसके बाद पुलिस ने ‘एक्टविस्ट’ सोनम वांगचुक समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
LAB ने माँग की है कि हिंसा की जाँच हो, प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएँ और हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बिना शर्त रिहा किया जाए। LAB ने लद्दाखी प्रदर्शनकारियों को देश विरोधी कहने के लिए केंद्र से माफी की माँग भी की है।
इसके अलावा ‘कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस’ (KDA) ने भी केंद्र से बातचीत न करने की घोषणा की। KDA नेता सज्जाद कारगिली ने गिरफ्तार लोगों की रिहाई की माँग की है।

