लद्दाख के लेह में 24 सितंबर 2025 को हुई हिंसा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लद्दाख के DGP डॉ एसडी सिंह जामवाल ने इस हिंसा पर विस्तृत बयान दिया है। DGP ने पुष्टि की है कि हिंसा में CRPF जवानों को बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस आंदोलन के मंच को ‘तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ताओं’ और अन्य समूहों ने हाईजैक करने की कोशिश की, जिसमें प्रमुख नाम सोनम वांगचुक का है।
DGP ने यह भी कहा है कि लद्दाख पुलिस ने हाल ही में एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट (PIO) को गिरफ्तार किया है जो सोनम वांगचुक के संपर्क में था और पाकिस्तान को जानकारी दे रहा था। इसकी जाँच चल रही है। गृह मंत्रालय विदेशी फंडिंग की भी जाँच कर रहा है।
I asked Ladakh DGP Dr. SD Singh Jamwal about NSA slapped on Activist Sonam Wangchuk and the foreign conspiracy angle to violence revealed by Lt. Governor Kavinder Gupta to @NDTV. That’s when DGP revealed Pakistan Pakistan Intel Operative-Wangchuk link which is being investigated. pic.twitter.com/RdvLafWptG
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) September 27, 2025
सुरक्षा बलों पर हमला और गोलीबारी
DGP जामवाल ने सुरक्षा बलों पर हुए हमले की भयावहता बताई। उन्होंने कहा कि CRPF जवानों को बेरहमी से पीटा गया, जिसमें एक जवान को रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई है और वह अभी भी अस्पताल में है।
DGP ने बताया कि जिस इमारत में आग लगाई गई, वहाँ 4 महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। DGP ने कहा कि लगभग 5000-6000 लोगों की एक बड़ी भीड़ ने सरकारी इमारतों और पार्टी कार्यालयों पर हमला किया।
#BREAKING | Probe on into Sonam Wangchuk's foreign funding, links to arrested Pakistan PIO under lens
— NDTV (@ndtv) September 27, 2025
NDTV's @AdityaRajKaul exclusively speaks to Ladakh DGP, SD Singh Jamwal pic.twitter.com/xt9GxAcSyR
भीड़ ने पथराव किया और सुरक्षा बलों पर हमला किया।
DGP ने पुष्टि की कि आत्मरक्षा में सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी की गई, जिसके परिणामस्वरूप 4 दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुईं। इस हिंसा में 17 CRPF और 15 लद्दाख पुलिस के जवानों सहित 70 से 80 सुरक्षाकर्मी घायल हुए। इसके अलावा, 70-80 नागरिक भी घायल हुए, जिनमें से 6-7 लोग अभी भी अस्पताल में हैं।
सोनम वांगचुक पर ‘मंच हाईजैक’ का आरोप
DGP डॉ जामवाल ने हिंसा भड़काने और आंदोलन को भटकाने की कोशिशों पर सीधे तौर पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से छठी अनुसूची और राज्य के दर्जे की राजनीतिक माँग उठ रही है और सरकार के साथ बातचीत एक सतत प्रक्रिया है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को विफल करने के प्रयास भी किए जा रहे थे।
DGP ने आरोप लगाया कि एक ‘तथाकथित पर्यावरण कार्यकर्ता’ और अन्य समूहों ने इस मंच को हाईजैक करने की कोशिश की। DGP ने इस प्रयास में सबसे पहले सोनम वांगचुक का नाम लिया, जिन्होंने पहले भी ऐसी कोशिश की थी।
DGP ने बताया कि 25-26 सितंबर को दिल्ली में बातचीत की योजना पहले ही बन चुकी थी, लेकिन उससे पहले ही अनशन शुरू कर दिया गया। डीजीपी ने कहा कि इस मंच पर शांति और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों को बुलाया गया, जिससे यह एक ऐसा मंच बन गया जहाँ असामाजिक तत्व बड़ी संख्या में शामिल हो गए।
DGP ने विश्वास जताया कि यह महज एक घटना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि लद्दाख फिर से पुनर्जीवित होगा और लोगों में वही संस्कृति और आतिथ्य रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बहाल हो।

