POK में लोगों को भूख से तड़पा रही मुनीर की फौज, 3 हफ्ते से खाने-पीने की सप्लाई रोकी: लगातार कर रहे फायरिंग, प्रदर्शनकारियों ने भारत से लगाई मदद की गुहार

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में शहबाज सरकार और मुनीर की दमनकारी फौज के खिलाफ पिछले 26 दिनों से जारी आंदोलन अब और तेज होता दिखाई दे रहा है। ABP न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख आयोजकों में शामिल सरदार अमान खान ने भारत से मदद की अपील की है।

उनका कहना है कि पाकिस्तानी सरकार ने पिछले तीन हफ्तों से POK में खाने-पीने की जरूरी चीजों की सप्लाई रोक रखी है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसी वजह से उन्होंने जम्मू के पुंछ, मेंढर, राजौरी और डोडा के लोगों से POK तक खाद्य सामग्री पहुँचाने में मदद की माँग की है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है।

भारत से मदद की अपील, LOC की ओर बढ़ने का भी दिया संकेत

रावलकोट के ईदगाह मैदान में बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए सरदार अमान खान ने कहा कि POK के लोग गंभीर खाद्य संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर हालात ऐसे ही बने रहे तो लोगों के पास दूसरे रास्ते अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

अमान खान ने भारत के साथ दोबारा जुड़ने की ओर इशारा करते हुए लोगों से पूछा कि क्या LOC की ओर बढ़ा जाए। इस पर मैदान में मौजूद हजारों लोगों ने कई बार हाँ में जवाब दिया। उन्होंने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर उनकी माँगों का जवाब गोलियों से दिया गया तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है।

फायरिंग, घायल प्रदर्शनकारी और महिलाओं का विरोध प्रदर्शन

शनिवार (4 जुलाई 2026) की सुबह फज्र की नमाज के समय रावलकोट के ईदगाह मैदान में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पाकिस्तानी रेंजर्स और POK पुलिस की ओर से फायरिंग किया गया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस गोलीबारी में 11 लोग घायल हुए हैं।

गोलीबारी के दावों के बावजूद रावलकोट का ईदगाह मैदान 26वें दिन भी प्रदर्शनकारियों से भरा रहा। लोग पाकिस्तान सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे और विरोध कर रहे है।

वहीं, आंदोलन के एक अन्य प्रमुख नेता ख्वाजा मेहरान ने विदेशों में रहने वाले POK के लोगों से पाकिस्तानी फौज के दमन के खिलाफ प्रदर्शन करने की अपील की। दूसरी ओर शौकत नवाज मीर की गिरफ्तारी के विरोध में महिलाओं ने भी रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।