NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में कई अहम खुलासे हुए हैं। सीबीआई इस मामले की जाँच कर रही है। जाँच के दौरान ये पाया गया है कि नीट का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले महाराषट्र् के लातूर के रेनुकाई करियर सेंटर यानी आरसीसी पहुँच गया था।
जाँच में यह भी पता चला है कि इस सेंटर का मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर का पेपर लीक से पुराना संबंध है। जानकारी के मुताबिक, उसके पास करीब 1500 करोड़ की संपत्ति है।
वह ऐसे छात्र-छात्राओं को पेपर बेचता था, जो पढ़ने में औसत से अच्छे हों और जिनके माता-पिता पैसे देने में दिक्कत न करें। ऐसे छात्रों के माता-पिता से फाइनल डील होने के बाद वह इनकी अलग से बैच बनाता था। लीक हुआ पेपर मिलते ही छात्रों को सवाल और जवाब याद करवाए जाते थे। इससे जुड़े कुछ सबूत सीबीआई के हाथ लगे हैं। मोटेगांवकर पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे के जरिए प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और मनीषा मांढरे के संपर्क में सालों से था।
RCC से पढ़ने वाले कई छात्रों ने NEET 2025 में हाई स्कोर हासिल कर एम्स के अलग-अलग संस्थान में एडमिशन लिए। कुल 19 छात्रों का चयन AIIMS संस्थानों में हुआ। इनमें दो छात्रों का AIIMS दिल्ली, 5 का AIIMS हैदराबाद और तीन-तीन छात्रों का AIIMS भोपाल और वाराणसी में चयन हुआ।

