‘छत पर पढ़वाई जाती नमाज, मना करने पर होती पिटाई’: नासिक IT कंपनी धर्मांतरण केस में पीड़ितों की आपबीती, NHRC ने कहा- बड़े अधिकारियों की भी हो जाँच

महाराष्ट्र के नासिक की एक मशहूर आईटी (IT) कंपनी में चल रहे धर्मांतरण रैकेट ने सबको हैरान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने साफ कहा है कि सिर्फ कर्मचारियों पर केस दर्ज करना काफी नहीं है, बल्कि कंपनी के बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी गहराई से जाँच होगी।

कंपनी में हिंदू कर्मचारियों को नमाज पढ़ने, रोजा रखने और यहाँ तक कि जबरन बीफ खाने के लिए मजबूर किया जाता था। इस पूरे मामले का खुलासा पुलिस को आरोपितों के मोबाइल से मिली एक फोटो से हुआ।

इस फोटो में दिख रहे एक युवक तौसीफ अत्तार को जब पुलिस ने पकड़ा, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। तौसीफ ने बताया कि वह जन्म से हिंदू था, लेकिन कुछ साल पहले उसका जबरन धर्मांतरण कराया गया। उसने खुद को अपराधी नहीं, बल्कि इस गिरोह का शिकार बताया है।

छत पर ले जाकर पढ़ाते थे नमाज

पीड़ितों ने बताया कि गिरोह के लोग पहले उनका ब्रेनवॉश करते थे। इसके बाद उन्हें जबरन कलमा और नमाज सिखाई जाती थी। तौसीफ के मुताबिक, मना करने पर उसे पीटा जाता था और जबरदस्ती नॉनवेज खिलाया जाता था। कई कर्मचारियों को तो डरा-धमकाकर कंपनी की छत पर ले जाया जाता था, जहाँ उन्हें जबरन नमाज अदा करने की ट्रेनिंग दी जाती थी।

जाँच में निदा खान नाम की एक महिला का नाम प्रमुखता से सामने आया है। निदा खास तौर पर लड़कियों का ब्रेनवॉश कर उन्हें इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करती थी। एक पीड़ित युवती ने बताया कि रमजान के दौरान उसे जबरन रोजा रखने पर मजबूर किया गया। निदा उसे केवल नॉनवेज खाना लाने और धर्मांतरण के बाद की रस्में सीखने के लिए दबाव डालती थी।

पुलिस की कार्रवाई जारी

पुलिस ने निदा खान की तलाश में मुंबई और आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस को उम्मीद है कि निदा की गिरफ्तारी के बाद इस रैकेट के पीछे छिपे कई और बड़े चेहरों के नाम सामने आएँगे। फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए कंपनी परिसर में सुरक्षा और सतर्कता बढ़ा दी गई है।