नासिक में टीसीएस (TCS) कैंपस के अंदर चल रहे धर्मांतरण के बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें अब एक नया और डरावना ‘इंटरनेशनल ट्रैफिकिंग’ एंगल सामने आया है। जाँच कर रही एसआईटी (SIT) को शक है कि आरोपितों का मकसद सिर्फ धर्म बदलवाना नहीं था, बल्कि ‘मलेशिया प्लान’ के जरिए पीड़ितों को विदेश भेजने की तैयारी थी। अब तक इस मामले में 6 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं और कुल 9 FIR दर्ज की गई हैं।
‘मलेशिया’ का विदेशी कनेक्शन
नासिक स्थित TCS कंपनी के कैंपस में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों पर आरोप है कि वे एक संगठित गिरोह की तरह जूनियर हिंदू लड़कियों का ब्रेनवॉश कर रहे थे। जाँच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यह सिर्फ दफ्तर तक सीमित अपराध नहीं था।
डिजिटल सबूतों से पता चला है कि आरोपितों के तार मलेशिया से जुड़े थे और वे पीड़ितों का पासपोर्ट बनवाकर उन्हें विदेश भेजने की फिराक में थे। पुलिस अब इस बात की जाँच कर रही है कि क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी (Trafficking) नेटवर्क काम कर रहा है।
TCS GROOMING TRAP CASE.
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) April 16, 2026
FORCED CONVERSION CHARGE TO SEX TRAFFICKING.
Investigators have uncovered evidence suggesting a possible cross-border trafficking and exploitation network, raising serious questions about how deep and organised this alleged operation really is.
+ SIT… pic.twitter.com/xdOBT9dCCB
व्हाट्सएप चैट से पता चला है कि ‘इमरान’ नाम का शख्स विदेश से वीडियो कॉल के जरिए निर्देश दे रहा था। HR निदा खान पर आरोप है कि वह इस गिरोह की मुख्य कड़ी थी और भर्ती प्रक्रिया में एक खास पैटर्न अपना रही थी। पुलिस अब फंडिंग के एंगल से भी जाँच कर रही है।
सच जानने के लिए पुलिस ने चार महिला कांस्टेबलों को हाउसकीपिंग स्टाफ बनाकर कैंपस में तैनात किया था। भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच, TCS ने बयान जारी कर कहा है कि उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लिया है और आरोपित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। फिलहाल 6 आरोपित जेल में हैं और जाँच जारी है।

