केंद्र सरकार का नक्सलमुक्त अभियान सफल हो रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ और ओडिशा में कई नक्सवादियों ने सरेंडर किया है। छत्तीसगढ़ में बस्तर के आखिरी माओवादी लीडर पापा राव के साथ 17 नक्सलियों ने हथियार छोड़े। तो वहीं ओडिशा में कुख्यात माओवादी सुकरू समेत 5 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया।
यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देश से नक्सलियों का सफाया करने के लिए निर्धारित 31 मार्च 2026 की समय सीमा से एक सप्ताह पहले हुआ है।
सुकरू ने साथी नक्सली की हत्या की, ₹55 लाख का इनामी
ओडिशा के कँधमाल जिले में मंगलवार (24 मार्च 2026) को कुख्यात माओवादी कोसा सोढी उर्फ सुकरू ने आत्मसमर्पण किया। ये वही सुकरू है, जिसने सरेंडर करने जा रहे साथी माओवादी लीडर अनवेश की हत्या की साजिश रची थी। अनवेश की गला रेतक हत्या की गई थी और उसकी लाश को सुकरू और उसके साथियों ने जला दिया था।
माओवादी गतिविधियों में मुख्य रूप से शामिल सुकरू कंधमाल जिले में सक्रिय था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था। सुकरू पर ₹55 लाख का इनाम घोषित था। उसके सरेंडर से सुरक्षाबलों के एक बड़ी सफलता हासिल हुई है। सुकरू के साथ 4 और नक्सलियों ने भी सरेंडर किया है।
बस्तर में आखिरी माओवादी लीडर पापा राव ने किया सरेंडर
30 साल से सक्रिय माओवादी लीडर पापा राव ने अपने 17 साथियों के साथ सरेंडर कर दिया है। इसके साथ बस्तर में माओवादी लीडरशिप का अंत हो गया है। पापा राव ने छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा की माँग पर सरेंडर ने किया है।
राव पर 45 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। जनवरी 2025 में नक्सलियों के हमले में भी राव शामिल था। राव पर ₹25 लाख का इनाम घोषित था।पुलिस ने बताया, “वह छत्तीसगढ़ में बचे हुए नक्सल संगठन के आखिरी बड़ा लीडर था।”

