इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर इन संपर्कों का इस्तेमाल लीक हुए पेपर को बाँटने और पैसे कमाने के लिए किया गया।
सीबीआई ने पुणे के सुखसागर नगर में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे को 14 मई को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। कोर्ट ने 16 मई को 10 दिनों के लिए CBI कस्टडी में भेज दिया था। पेपर लीक के मुख्य आरोपित रिटायर्ड टीचर पी वी कुलकर्णी को जब सीबीआई ने पहले गिरफ्तार किया। दिल्ली की एक कोर्ट ने तीसरे आरोपित बायो की टीचर मनीषा गुरुनाथ मंधारे को 14 दिनों की कस्टडी में भेज दिया। NEET-UG 2026 के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सवाल-सेटिंग पैनल की ये दोनों एक्सपर्ट हैं, जिन्हें सीबीआई ‘मास्टरमाइंड’ बता रही है।
CBI ने कोर्ट को बताया कि मनीषा मंधारे को 15 मई को पुणे में गिरफ्तार किया गया था। उसका ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे से संपर्क था। उसने पेपर लीक कर पैसे कमाए। कोर्ट को सीबीआई ने बताया कि एनटीए ने नामित एक्सपर्ट होने के नाते टीचर मनीषा के पास कथित तौर पर बॉटनी और जूलॉजी दोनों के क्वेश्चन पेपर्स का एक्सेस था।
सीबीआई ने कहा, “मंधारे ने मनीषा वाघमारे और प्रहलाद विट्ठल राव कुलकर्णी सहित दूसरे लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। उसने चुने हुए स्टूडेंट्स को पैसे कमाने और नीट में सेलेक्शन का प्रलोभन देते परीक्षा से जुड़े सवाल और उसके जवाब बताए। वह एनटीए के पैनल की एक्सपर्ट्स में से एक है और क्वेश्चन पेपर्स सेट करने के प्रोसेस में शामिल थी, इसलिए NEET UG 2026 के फाइनल क्वेश्चन पेपर का एक्सेस मिला, जिसे उसने बाद में पैसे कमाने के लिए स्टूडेंट्स को लीक कर दिया।”
सूत्रों ने कहा कि केस को सुलझाने में वाघमारे की भूमिका भी अहम है। उसे जब पता चला कि मंधारे क्वेश्चन पेपर्स सेट करने वाली एक्सपर्ट हैं और वह पेपर लीक कर सकती हैं तो उसके साथ प्लान में शामिल हो गई। दोनों ने कथित तौर पर ‘कुलकर्णी को शामिल किया’ और ‘वाघमारे ने सही कैंडिडेट ढूँढना शुरू कर दिया, जो पेपर खरीद-बेच सकें। सीबीआई के मुताबिक, वाघमारे कई स्टूडेंट्स के संपर्क में थी, उसके माध्यम से स्टूडेंट्स जुटाए गए और हर स्टूडेंट के लिए लगभग 10 लाख रुपये की डील की गई।
10 लाख रुपए में से वाघमारे, मंधारे और कुलकर्णी ने कथित तौर पर 2.5 लाख से 3 लाख रुपये आपस में बांटने का फैसला किया। सूत्रों ने बताया कि वाघमारे ने कथित तौर पर ‘चार-पाँच स्टूडेंट्स का इंतजाम किया’ और अपना प्लान दोस्त धनंजय निवृत्ति लोखंडे के साथ शेयर किया। उसने शुभम खैरनार से संपर्क किया, जो नासिक में काउंसलिंग का बिजनेस चलाता था।
पिछले मंगलवार को एग्जाम कैंसिल होने के कुछ घंटों बाद, खैरनार को गिरफ्तार किया गया था। लोखंडे ने कथित तौर पर वाघमारे से NEET के पेपर लिए और उन्हें खैरनार को दे दिया, जिसने PDF फाइलें गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव और बाद में जयपुर के रहने वालों के साथ शेयर की गई। यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
CBI ने कोर्ट को बताया कि एक बड़ी साज़िश चल रही थी, और कई आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी अभी बाकी है। सीबीआई के मुताबिक, जाँच बहुत शुरुआती स्टेज पर है और आरोपितों की पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं, इस पेपर लीक में कई गैंग शामिल हो सकते हैं, जिनका पता लगाया जा रहा है।

