पाकिस्तान में इन दिनों रेप और गर्भपात के बाद युवती की मौत के मामले को लेकर आक्रोश देखने को मिल रही है। यह मामला लाहौर से सामने आया है जहाँ घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली 18 वर्षीय युवती ने अपनी मौत से पहले कहा था कि उसके मालिक के बेटे और उसके ड्राइवर ने करीब एक साल तक उसके साथ यौन शोषण किया और जबरन गर्भ गिराने की गोलियाँ खिलाईं।
मामले से जुड़े दस्तावेजों और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले साल पीड़िता को अपनी गर्भावस्था का पता चला। आरोप है कि इसके बाद परिवार की प्रतिष्ठा बचाने के नाम पर उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाया गया और उसे एक निजी क्लिनिक ले जाया गया और गलत तरीके से गर्भपात करा दिया। प्रक्रिया के बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
इलाज के लिए वह अपने घर फैसलाबाद भी गई, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में जाँच में सामने आया कि गर्भ पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था और गंभीर जटिलताएँ पैदा हो चुकी थीं। मौत से पहले अस्पताल में आयशा ने पुलिस को बयान दिया और एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने अपने साथ हुई प्रताड़ना का जिक्र किया।
वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया और न्याय की माँग तेज हो गई। पुलिस ने मालिक के बेटे, ड्राइवर, परिवार के मुखिया और संबंधित निजी क्लिनिक के कर्मचारियों के खिलाफ जाँच शुरू की है। ड्राइवर को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य आरोपितों को कोर्ट ने राहत दे दी है, जिसके बाद लोग आक्रोशित है और कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

