आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में जमीन तलाश रही ओवैसी की पार्टी AIMIM को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने आड़े हाथों लिया है। उन्होंने AIMIM के एक नेता के राजा सुहेलदेव को लेकर दिए बयान पर गुस्सा जाहिर किया है।
ओपी राजभर ने असदुद्दीन ओवैसी को नसीहत देते हुए कहा, “ओवैसी साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्ट्री का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा।”
.@asadowaisi साहब, अब जब आप उत्तर प्रदेश आ ही रहे हैं तो अपनी हैदराबादी बैरिस्टरी का थोड़ा-बहुत ज्ञान अपने सिपहसालार को भी अवश्य दे दीजिएगा।
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) June 13, 2026
बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह भी याद दिला दीजिएगा कि यही वह भूमि है जहाँ चक्रवर्ती… pic.twitter.com/cKc9wIhs8p
दरअसल AIMIM के एक नेता के बयान का एक वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल AIMIM के एक नेता के बयान का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिमें वह मजलिस के नेता महाराजा सुहेलदेव के ऐतिहासिक असतित्व को पूरी तरह नकार रहा है। AIMIM नेता ने कहा कि वे सुहेलदेव को राजा नहीं मानते। इसके पीछे उन्होंने यह अजीबोगरीब तर्क दिया कि अगर सुहेलदेव वाकई में राजा होते तो बहराइच में उनका कोई महल या विशाल किला जरूर बना होता, क्योंकि राजा-महाराजा अपने रहने के लिए बड़े-बड़े किले बनवाया करते थे।
AIMIM नेता के इस बयान पर मंत्री ओपी राजभर ने सीधा असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बहराइच में सैयद सालार मसूद गाजी की मजार पर श्रद्धा व्यक्त करने से पहले उन्हें यह भी याद दिला दीजिएगा कि यही वह भूमि है जहाँ चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी ने विदेशी आक्रांताओं के विरुद्ध संघर्ष कर भारत की अस्मिता और स्वाभिमान की रक्षा की थी।”
उन्होंने ओवैसी से कहा, “अपने सिपहसालार को समझा दीजिएगा कि वह अपनी हैसियत और व्यक्तित्व के अनुरूप भाषा का प्रयोग करें। अनावश्यक उग्रता और अहंकार का प्रदर्शन इतिहास के पन्नों में कभी सम्मान नहीं दिलाता। इतिहास साक्षी है कि जब चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव राजभर जी के नेतृत्व में इस धरती के वीरों ने विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध शस्त्र उठाए थे, तब आक्रांताओं के अभिमान को भी धराशायी होना पड़ा था।”
ओपी राजभर ने आगे कहा, “इसलिए आप भी स्मरण रखिए और अपने साथी को भी संकेत दे दीजिए कि उत्तर प्रदेश की धरती अपने नायकों, अपने इतिहास और अपने स्वाभिमान का सम्मान करना जानती है।”

