पाकिस्तान में इन दिनों पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर काफी बवाल चल रहा है। उनके समर्थक जानना चाहते हैं कि आखिर इमरान जिंदा हैं भी या नहीं। इसी कारण से उन लोगों ने अदिआला जेल के बाहर हंगामा भी किया है।
दरअसल, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इमरान खान से मिलने पहुँचे थे, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें जेल के गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और लोग नारेबाजी करने लगे। इसी बीच सोशल मीडिया पर इमरान खान की सेहत को लेकर तरह-तरह की खबरें फैल रही हैं, कुछ पोस्ट में उनकी मौत तक का दावा किया जा रहा है, हालाँकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
#BREAKING: Chief Minister of Khyber Pakhtunkhwa Sohail Afridi protesting outside Adiala Jail of Pakistan has made it clear that if access to Imran Khan is not restored and valid and serious concerns about his health and well-being are not ensured, there will be no option left… pic.twitter.com/7JC3gh2jiQ
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) November 27, 2025
मुलाकात न मिलने पर सोहेल अफरीदी ने वहीं जेल के बाहर धरना शुरू कर दिया और कहा कि यह सातवीं बार है जब उन्हें रोक दिया गया है। उन्होंने कहा, “अगर इमरान खान तक पहुँच बहाल नहीं की गई और उनकी सेहत और भलाई को लेकर सही और गंभीर चिंताओं को पक्का नहीं किया गया, तो पब्लिक मोबिलाइजेशन और सड़क पर प्रोटेस्ट के अलावा कोई ऑप्शन नहीं बचेगा।”
کہتا ہر پختون ہے خان ہمارا خون ہے ?
— Sara Mir (@SaraMirGilgity) November 27, 2025
سلامتی ہو ہمارے ان بھائیوں کے اوپر جو پچھلے 10 گھنٹے سے یہاں بیٹھے ہیں
انشاءاللہ صبح کا سورج بہت روشنی لے کے انے والا ہے
دیکھنا ان سے سنبھالے نہیں جائیں گے لوگ۔ pic.twitter.com/Cuy9RFITE4
PTI समर्थकों का प्रदर्शन अब सिर्फ अदिआला जेल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दूसरे शहरों में भी फैल चुका है। इमरान खान की तीन बहनें, नौरीन नियाजी, अलीमा खान और डॉ उजमा खान, जो एक महीने से जेल के बाहर इंतजार कर रही थीं, उन्हें भी अंदर नहीं जाने दिया गया और विरोध के दौरान पुलिस ने उन्हें जबरन हटाने की कोशिश की, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इमरान खान के बेटे ने भी कहा है कि उन्हें अपने अब्बा के जिंदा होने के सबूत चाहिए।
इमरान खान के समर्थक और उनका परिवार प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी फौज के प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर आरोप लगा रहे हैं कि जेल में पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ जानबूझकर साजिश रची जा रही है। पूरे घटनाक्रम ने पाकिस्तान में राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है और अब सबकी निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और आपात बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।

