पाकिस्तान के गुजरांवाला से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। यहाँ आयोजित एक कार्यक्रम में हमास के टॉप कमांडर और खास प्रतिनिधि नाजी जहीर ने मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि इस कार्यक्रम का आयोजन उसी संगठन ने किया था जिसे मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड ‘लश्कर-ए-तैयबा’ का राजनीतिक चेहरा माना जाता है। आतंकियों के इस आपसी मेलजोल ने भारत की सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर डाल दिया है।
आतंकी संगठनों का बढ़ता मेलजोल
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमास कमांडर नाजी जहीर पिछले कुछ समय से दक्षिण एशिया के आतंकी गुटों के साथ लगातार संपर्क बढ़ा रहा है। अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हुए हमले के बाद से जहीर कई बार पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में रैलियाँ करता देखा गया है।
हाल ही में उसने ‘जैश-ए-मोहम्मद’ जैसे खूंखार संगठनों के साथ भी मंच साझा किया है, जिससे यह साफ है कि ये संगठन अब मिलकर काम करने की साजिश रच रहे हैं।
भारत के लिए क्या है खतरा?
हमास और लश्कर-ए-तैयबा के बीच बढ़ती नजदीकी भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकती है। सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि अगर इन संगठनों के बीच संसाधनों और साजिशों का आदान-प्रदान शुरू हुआ, तो सीमा पार से आतंकी गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। इजरायल ने भी भारत को आगाह किया है कि हमास और लश्कर अब एक हो चुके हैं, इसलिए हमास को जल्द से जल्द आतंकी संगठन घोषित किया जाना चाहिए।
पाकिस्तान की दोहरी चाल उजागर
एक तरफ पाकिस्तान खुद को आतंकवाद का शिकार बताता है, वहीं दूसरी तरफ उसके यहाँ खुलेआम हमास जैसे संगठनों के कमांडर रैलियाँ कर रहे हैं। लश्कर और जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों के साथ हमास का हाथ मिलाना यह साबित करता है कि पाकिस्तान अब भी आतंकी समूहों के लिए सबसे सुरक्षित पनाहगाह बना हुआ है।

