श्रीलंका के कोलंबो में हाल की चक्रवात ‘दितवाह’ में बाढ़ तबाही के बाद जिस तरह भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधू’ के तहत राहत सामग्री भेजी और दोस्ती का फर्ज निभाता, उसी को देखते हुए पाकिस्तान ने भी राहत सामग्री भेजी। लेकिन यह राहत सामग्री पाकिस्तान पर ही उल्टी पड़ गई और सोशल मीडिया पर इसकी कड़ी आलोचना हो रही है।
सोशल मीडिया पर हुआ बड़ा खुलासा
पाकिस्तान हाई कमीशन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके दावा किया था कि वे हमेशा श्रीलंका के साथ खड़े हैं और राहत पैकेज भेज रहे हैं। लेकिन अब पाकिस्तान हाई कमीशन ने अपना ये पोस्ट डिलीट कर दिया है।

लेकिन कई सोशल मीडिया यूजर्स ने तुरंत इस दावे पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने श्रीलंका को जो राहत सामग्री भेजी है, वह एक साल पहले ही एक्सपायर हो चुकी है। यह दावा श्रीलंका में बौध धर्म के लोगों को ‘काफिर’ मानने की मानसिकता से जोड़कर किया गया, जिसने पाकिस्तान की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए।
सोशल मीडिया पर इस खुलासे के बाद पाकिस्तान की खूब खिंचाई हुई। बाढ़ जैसी आपदा में पुरानी और बेकार हो चुकी सामग्री भेजना पाकिस्तान की ओर से एक अविश्वसनीय और शर्मनाक कदम माना जा रहा है। यह घटना दिखाती है कि पाकिस्तान अपनी अंतरराष्ट्रीय मदद की आड़ में किस तरह की लापरवाही कर रहा है।

