पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में पाकिस्तानी फौज और रेंजर्स ने ईदगाह मैदान पर हजारों निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर एके-47 राइफलों से फायरिंग की। इसमें कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई और 37 लोग घायल हो गए।
यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन महंगाई के खिलाफ किया जा रहा था, जिसमें किफायती चावल, रोटी, बिजली और मौलिक अधिकारों की माँग की गई थी। रावलकोट में पाकिस्तान के कब्जे और दमनकारी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए 60,000 से 70,000 लोग जमा हुए थे।
गौरतलब है कि दो दिन पहले मंगलवार (9 जून 2026) को सुरक्षा बलों के साथ हुई हिंसक झड़पों में 30 लोग मारे गए और 200 अन्य घायल हो गए थे। ताजा प्रदर्शन उन लोगों के लिए न्याय की माँग को लेकर भी आयोजित किया गया था, जो पिछली हिंसा में प्रभावित हुए थे। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए, “ये जो आतंकगर्दी है, इसके पीछे वर्दी है।” खाई गाला क्षेत्र में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित स्थानीय लोगों ने विरोध मार्च निकाला और बाजार बंद रखे। फायरिंग के बाद परिजन अपने लापता और घायल लोगों की तलाश करते नजर आए।
Rawalakot in PoJK witnessed a horrific crackdown after Pakistani Army personnel & Rangers opened fire on 60,000-70,000 unarmed protesters gathered at Eidgah Ground. Citizens demanding affordable flour, rice, electricity & basic rights came under indiscriminate gunfire. pic.twitter.com/CE2vUq8gRk
— Songs of Chinar (@SongsOfChinar) June 11, 2026
स्थानीय राजनीतिक नेताओं और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के सदस्यों ने सभा को संबोधित करते हुए घटना की निष्पक्ष जाँच की माँग की। संगठन ने आरोप लगाया कि विरोध को दबाने के लिए कठोर कार्रवाई की गई और मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ। वहीं पाकिस्तान सरकार ने JAAC पर आतंकवाद और अराजकता फैलाने के आरोप लगाए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कार्रवाई की आलोचना करते हुए अत्यधिक बल प्रयोग और असहमति को दबाने के आरोप लगाए हैं।

