एयरस्पेस न देने का झूठा दावा कर पाकिस्तानी मीडिया ने भारत पर साधा निशाना, भारतीय अधिकारियों ने कहा- 4 घंटों में दे दी अनुमति: श्रीलंका को राहत सामग्री भेजने से जुड़ा मामला

भारत ने पाकिस्तान के विमान को श्रीलंका जाने के लिए अपने एयरस्पेस से गुजरने की मंजूरी दी। पाकिस्तान ने दावा किया था कि भारत अनुमति नहीं दे रहा, लेकिन भारत ने मात्र चार घंटे में क्लियरेंस देकर उसका प्रोपेगैंडा ध्वस्त कर दिया।

तूफान दितवाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और तेज तूफानी हवाओं से सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। श्रीलंका सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है और अंतरराष्ट्रीय मदद की अपील की है। इस संकट की घड़ी में कई देशों से मानवीय सहायता भेजी जा रही है।

इस कड़ी में राहत सामग्री भेजने के लिए पाकिस्तान भी सामने आया है। सेकिन राहत कार्य के नाम पर पाकिस्तान एक बार फिर अपना प्रोपेगेंडा दुनिया के सामने रखना तो चाहा लेकिन भारत की त्वरित कार्रवाई के चलते ये प्रोपेगेंडा ध्वस्त हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री लेकर जाने के लिए पाकिस्तान ने 1 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 1 बजे भारत से अपने विमान को एयरस्पेस इस्तेमाल करने की अनुमति माँगी। भारत ने उसी दिन शाम 5 बजे तक यह रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। भारत ने मानवीय आधार पर यह मंजूरी दी ताकि मदद जल्द से जल्द श्रीलंका पहुंच सके।

पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा और भारत का जवाब

हालाँकि भारत की ओर से जवाब दिए जाने से पहले ही पाकिस्तान के कुछ मीडिया चैनलों ने दावा किया कि भारत ने एयरस्पेस देने से इंकार कर दिया है। इसके जरिए भारत की छवि को धूमिल करने का प्रोपेगैंडा फैलाने की कोशिश की गई।

भारत ने तुरंत स्पष्ट किया कि उसने रिक्वेस्ट मिलने के चार घंटे के भीतर ही मंजूरी दे दी थी। भारतीय अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ने सोमवार 1 बजे ओवरफ्लाइट के लिए इंडियन एयरस्पेस के ऊपर से उड़ने की अनुमति माँगी थी। श्रीलंका को मानवीय मदद के लिए ये अनुमति देखकर जल्दी ही क्लियरेंस दे दिया गया।

17:30 बजे आधिकारिक तौर पर पाकिस्तनी सरकार को भी इशकी जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद पाकिस्तान का एजेंडा चौपट हो गया और भारत की मानवीय प्राथमिकता दुनिया के सामने आ गई।

भारत ने दिखाया कि प्राकृतिक आपदा के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर मदद को प्राथमिकता दी जाती है। श्रीलंका के लिए यह राहत सामग्री बेहद अहम है, क्योंकि देश इस समय गंभीर संकट से गुजर रहा है।

भारत का यह फैसला न सिर्फ श्रीलंका के लिए राहत पहुँचाने के लिए था पर साथ ही पाकिस्तान को भी आईना दिखाने के लिए काफी था कि मानवीय संकट के समय भारत अपनी जिम्मेदारी निभाने में पीछे नहीं हटता। पाकिस्तान का प्रोपेगैंडा चार घंटे में ही ध्वस्त हो गया और भारत ने दुनिया को दिखा दिया कि इंसानियत सबसे ऊपर है।