14 अपनों की मौत हार नहीं, ये तो शहादत है: JeM चीफ मसूद अजहर, ऑपरेशन सिंदूर में सबकुछ तबाह होने के बाद लिखी चिट्ठियाँ आई सामने


भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के सरगना मसूद अजहर के कई लेटर सामने आए हैं। इन पत्रों में उसने पहली बार विस्तार से बताया है कि भारतीय हमलों में उसके परिवार के कई सदस्य और करीबी सहयोगी मारे गए।

साथ ही उसने इन मौतों को मजहबी रंग देने की कोशिश की, पाकिस्तान से भारत के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की माँग की और बाद में पाकिस्तान के जवाबी ऑपरेशन का खुलकर समर्थन भी किया।

14 लोगों की मौत का दावा, परिवार का दर्द किया बयान

संडे गार्जियन के अनुसार, मसूद अजहर ने अपने पहले लेटर में दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसके परिवार और करीबी दायरे के 14 लोग मारे गए। इनमें उसकी बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजे की पत्नी, भतीजी, परिवार के पाँच बच्चे और चार करीबी सहयोगी शामिल थे।

अपने खतों में अजहर ने अपनी बहन को बेहद धार्मिक महिला बताया। उसने लिखा कि उसकी बहन हमेशा शहादत की दुआ करती थी और उसने अपने सभी छह बच्चों को इस्लामी शिक्षा दिलाई।

अजहर ने यह भी बताया कि उसकी बहन सीमित आमदनी में भी पूरे परिवार को संभालती थी। उसने खास तौर पर अपनी बहन के सबसे छोटे बेटे और बेटी का जिक्र किया, जिनकी भी हमले में मौत हुई।

एक अन्य पत्र में उसने अपने बहनोई हाफिज मोहम्मद जमील का जिक्र किया। अजहर के मुताबिक, जमील बहावलपुर की अनाज मंडी में अकाउंटेंट थे और जैश की मस्जिदों का हिसाब-किताब भी संभालते थे। उसने दावा किया कि जमील की मौत के बाद उनके मालिक ने उनकी ईमानदारी का हवाला देते हुए बकाया कर्ज माफ कर दिया।

मौतों को धार्मिक रंग दिया, पाकिस्तान से बदले की माँग

अपने पत्रों में मसूद अजहर ने बच्चों की मौत को सबसे ज्यादा उछाला। उसने उन्हें जन्नत के फूल और जन्नत के परिंदे बताया। इतना ही नहीं, उसने दावा किया कि हमले में मारी गई दो महिलाएँ गर्भवती थीं और उनके अजन्मे बच्चों को भी उसने शहीद बताया।

अजहर ने इन मौतों का जिम्मेदार सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ठहराया और कहा कि भारत ने सभी सीमाएँ पार कर दी हैं। उसने अपने समर्थकों से कहा कि इन मौतों को हार नहीं, बल्कि शहादत के रूप में देखा जाए।

करीब 36 घंटे बाद लिखे गए एक अन्य पत्र में अजहर ने पाकिस्तान सरकार और फौज से भारत पर जवाबी हमला करने की अपील की। उसने कहा कि अगर पाकिस्तान जवाब नहीं देगा तो यह अपमान होगा। उसने यहाँ तक लिखा कि ऐसे समय में सीजफायर अपराध है और सैन्य कार्रवाई जरूरी है।

बाद में जब पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनयान-उन-मरसूस चलाया तो अजहर ने उसका स्वागत किया। उसने इसे मुबारक जिहादी हमला बताते हुए दावा किया कि यह भारत के खिलाफ बड़ी शुरुआत है। अपने आखिरी पत्र में उसने फिर बच्चों का जिक्र करते हुए लिखा कि वे “अपने नाम वाले मिसाइलों को देख रहे हैं” और कहा कि “अभी बहुत कुछ बाकी है।”